
सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल के बर्खास्त शिक्षकों को बड़ी राहत दी है। उसने भर्ती अनियमितताओं के कारण इस महीने रद्द नियुक्तियों के शिक्षकों को काम पर लौटने को कहा है। कोर्ट ने कहा कि नई चयन प्रक्रिया पूरी होने तक बर्खास्त शिक्षक पढ़ाना जारी रख सकता है। हालांकि, यह राहत उन शिक्षकों को मिलेगी, जिनके नाम 2016 की नियुक्ति जांच में अनियमितता से नहीं जुड़ा है। इसके अलावा कक्षा 9, 10, 11 और 12 के शिक्षक भी पढ़ा सकेंगे। अदालत ने साफ किया है कि ग्रुप सी और डी कर्मचारियों को कोई राहत नहीं दी जाएगी।
गौरतलब है कि 3 अप्रैल, 2025 को दिए फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल के 25 हजार से अधिक शिक्षकों और स्कूल कर्मचारियों की नियुक्ति को रद्द कर दिया था। इसके बाद बड़े पैमाने पर शिक्षक सड़क पर उतर आए और नौकरी खोने के डर से राज्य सरकार से गुहार लगाई। बाद में बंगाल सरकार और आयोग शिक्षकों की बर्खास्तगी से स्कूलों की कक्षाएं बाधित होने की चिंता लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंची, जिस पर कोर्ट ने राहत दी है।
सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव खन्ना ने बंगाल स्कूल सेवा आयोग (SSC) को आदेश दिया कि वह 31 मई तक नई भर्ती के लिए विज्ञापन जारी करे और चयन प्रक्रिया 31 दिसंबर तक पूरा करे।अदालत ने कहा है कि अगर ऐसा नहीं किया गया तो वह इसे सख्ती से देखेगा।
2016 में पश्चिम बंगाल स्कूल सर्विस कमीशन के तहत हुई भर्ती के लिए 23 लाख से अधिक लोगों ने परीक्षा दी थी। इनमें से 25 हजार से अधिक लोगों का सिलेक्शन हुआ था। इसमें बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा। सुप्रीम कोर्ट ने भी अपने फैसले में माना कि 2016 में हुई पूरी नियुक्ति प्रक्रिया जोड़-तोड़ और धोखे से भरी थी।




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