
झारखंड के जिला शिक्षा विभाग ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए जिला स्तरीय आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (FLN) खोज और समन्वय समिति का गठन किया है।
यह समिति जिले के विभिन्न क्षेत्रों से चुने गए 10 अनुभवी शिक्षकों को सम्मिलित करती है, जिनका उद्देश्य नवीन शिक्षण पद्धतियों को अपनाकर प्रारंभिक शिक्षा को सशक्त बनाना है।
समिति का गठन जिलाधिकारी मंजूनाथ भजंत्री के मार्गदर्शन में किया गया है। समिति की अध्यक्षता जिला शिक्षा अधीक्षक बदल राज कर रहे हैं, जबकि आरपीवी मुरुम, कांके के प्रधानाध्यापक ओम प्रकाश मिश्रा को इसका समन्वयक नियुक्त किया गया है।
उद्देश्य और कार्य प्रणाली
समिति का मुख्य उद्देश्य है “सीखते हुए सीखना” (Learning by Doing) के सिद्धांत पर आधारित शिक्षण को बढ़ावा देना, ताकि बच्चों के लिए सीखना अधिक रोचक और अर्थपूर्ण बन सके।
समिति के प्रमुख कार्यों में झारखंड शिक्षा अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (JCERT) द्वारा तैयार किए गए मासिक पाठ्यक्रम को व्यवस्थित करना, कम लागत और स्थानीय संसाधनों से तैयार शिक्षण-सहायक सामग्री (TLM) का उपयोग बढ़ावा देना, मल्टीमीडिया टूल्स और क्षेत्रीय संसाधनों के माध्यम से बालकेंद्रित शिक्षण को प्रोत्साहित करना शामिल है।
प्रशिक्षण और मूल्यांकन
शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने के लिए समिति द्वारा मासिक शिक्षक प्रशिक्षण सत्र, छात्रों के सीखने के स्तर का मूल्यांकन, तथा TLM प्रदर्शनियों और मेलों का आयोजन किया जाएगा।
निगरानी समिति का गठन
एक दूसरी निगरानी समिति का भी गठन किया गया है, जिसका उद्देश्य छात्रों की उपस्थिति और नामांकन पर निगरानी रखना है। यह समिति कम उपस्थिति की घटनाओं का विश्लेषण, गैरहाजिरी के कारणों की पहचान, और नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के उपायों को लागू करने पर काम करेगी, ताकि जिले के समग्र शैक्षणिक लक्ष्यों को सफलतापूर्वक प्राप्त किया जा सके।




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