
चंडीगढ़ शिक्षा विभाग ने शहर के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के लिए ड्रेस कोड लागू कर दिया है। अब पुरुष शिक्षक औपचारिक शर्ट और पतलून पहनेंगे, जबकि महिला शिक्षक साड़ी या सलवार कमीज पहनेंगी। विभाग ने शनिवार को जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा, “पोशाक की वर्दी की विशिष्टताओं के अनुसार महिला कर्मचारी साड़ी, सलवार कमीज पहनेंगी, जबकि पुरुष कर्मचारी औपचारिक शर्ट और पतलून पहनेंगे।”
उद्देश्य: व्यावसायिकता और एकरूपता को बढ़ावा
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया कि इस कदम का उद्देश्य शिक्षकों की एकीकृत छवि प्रस्तुत करना, व्यावसायिकता की भावना को बढ़ावा देना और स्कूलों में सीखने के लिए अनुकूल माहौल तैयार करना है।
चंडीगढ़ बना पहला केंद्र शासित प्रदेश
ड्रेस कोड लागू करने के साथ ही चंडीगढ़ ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य या केंद्र शासित प्रदेश बन गया है। विभाग ने बताया कि इस पहल की शुरुआत चंडीगढ़ के सेक्टर-14, धनास स्थित पीएम श्री गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल से की गई है।
पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने इस फैसले की सराहना करते हुए कहा, “एकीकृत ड्रेस कोड कर्मचारियों के बीच समानता बढ़ाता है और व्यावसायिकता की भावना को मजबूत करता है।”
सकारात्मक प्रभाव की उम्मीद
विज्ञप्ति में आगे कहा गया कि मानकीकृत ड्रेस कोड से शिक्षक अधिक पेशेवर छवि प्रस्तुत करेंगे, जिससे छात्रों के लिए एक सकारात्मक उदाहरण स्थापित होगा। साथ ही, यह सामाजिक-आर्थिक असमानताओं को कम कर, स्कूलों में अधिक समावेशी माहौल को बढ़ावा देगा।
कब से होगा लागू
शिक्षा विभाग ने जानकारी दी कि यह ड्रेस कोड 2025 की गर्मियों की छुट्टियों के बाद, स्कूलों में कक्षाएं शुरू होने से पहले, सभी सरकारी स्कूलों में अनिवार्य रूप से लागू कर दिया जाएगा।




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