
कभी साइबर अपराध के लिए कुख्यात रहे झारखंड के जामताड़ा जिले में अब बदलाव की एक नई कहानी लिखी जा रही है। जिस जिले को फिशिंग और ऑनलाइन ठगी के मामलों से जोड़ा जाता था, वहीं अब पुराने पुलिस स्टेशनों को हाई-टेक कोचिंग और गाइडेंस सेंटर में बदलकर युवाओं को शिक्षा की नई राह दिखाई जा रही है।
जहां कभी अपराधी पकड़े जाते थे, अब वहां बच्चे पढ़ाई करेंगे
जामताड़ा के करमाटांड़ ब्लॉक में स्थित पुराना पुलिस स्टेशन अब छात्रों के लिए वाई-फाई, प्रोजेक्टर और लाइब्रेरी जैसी सुविधाओं से युक्त एक आधुनिक कोचिंग सेंटर में तब्दील हो चुका है। यह वही इलाका है जहां महान समाज सुधारक ईश्वर चंद्र विद्यासागर ने 18 वर्षों तक कार्य कर महिलाओं की शिक्षा के लिए प्रयास किए थे।
जामताड़ा के पुलिस अधीक्षक डॉ. एहतशाम वकारिब ने बताया कि यह झारखंड का पहला ऐसा उदाहरण है जहां एक पुराना पुलिस स्टेशन छात्रों के लिए कोचिंग हब में परिवर्तित किया गया है।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मिलेगा सहारा
यह कोचिंग-सह-मार्गदर्शन केंद्र न केवल बुनियादी शिक्षा प्रदान करेगा, बल्कि छात्रों को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी मार्गदर्शन करेगा। हर सप्ताह और माह में विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें अनुभवी शिक्षक छात्रों को अलग-अलग विषयों में प्रशिक्षित करेंगे।
जामताड़ा प्रशासन ने लगभग चार साल पहले ‘लाइब्रेरी मूवमेंट’ शुरू किया था, जिसके तहत जिले की 118 पंचायतों में पुरानी सरकारी इमारतों को कम्युनिटी लाइब्रेरी में तब्दील किया गया। वर्ष 2022 में ‘पुलिस की पाठशाला’ नामक अभियान भी शुरू हुआ था, जिसका उद्देश्य युवाओं को साइबर अपराधों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और उन्हें रचनात्मक गतिविधियों में संलग्न करना था।
युवाओं के सपनों को नई उड़ान
एसपी वकारिब ने कहा कि करमाटांड़ क्षेत्र में कई प्रतिभाशाली छात्र हैं जो उचित सुविधाएं मिलने पर प्रतियोगी परीक्षाओं में शानदार प्रदर्शन कर सकते हैं। उन्होंने कहा, “कोचिंग-सह-मार्गदर्शन केंद्र इसी दिशा में एक प्रयास है। हम साप्ताहिक और मासिक आधार पर शिक्षण सत्र आयोजित कर छात्रों को हर संभव सहायता प्रदान करेंगे।”
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे कला स्नातक संदीप कुमार ने भी उम्मीद जताई कि यह केंद्र छात्रों के भविष्य को आकार देने में अहम भूमिका निभाएगा।




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