
दिल्ली विश्वविद्यालय से संबद्ध अरविंदो कॉलेज के अंग्रेजी विभाग द्वारा दो दिवसीय वार्षिक साहित्यिक महोत्सव- ओडिसी 2025 कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शुक्रवार को सम्पन्न हुए इस महोत्सव का उद्घाटन वेंकटेश्वर कॉलेज में अंग्रेजी की प्रोफेसर रत्ना रमन, कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर अरुण चौधरी और विभागाध्यक्ष सुकृति सोबती के द्वारा किया गया। इस साहित्यिक महोत्सव कार्यक्रम में विभिन्न महाविद्यालय के छात्रों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
कॉलेज प्राचार्य प्रो.अरुण चौधरी ने साहित्यिक महोत्सव के अवसर पर छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि साहित्यिक महोत्सव के अंतर्गत होने वाली प्रतियोगिताओं में हमें भारतीयता की झलक देखने को मिलती है। इस तरह के कार्यक्रमों से छात्र अपनी भाषा , साहित्य और संस्कृति से परिचित होते हैं। उन्होंने कहा कि साहित्य ही है जो हमें अपनी जड़ों से जोड़ता हैं। लेखक का कार्य समाज को अच्छा साहित्य देना है जिससे पाठकों में उसको पढ़ने की उत्सुकता बनी रहती है। उन्होंने कहा कि अंग्रेजी हमारी मातृभाषा नहीं है लेकिन अंग्रेजी में जो अच्छी पुस्तकें प्रकाशित होती हैं या समाचार पत्रों में लेख आते हैं उसे पढ़ता हूँ क्योंकि विचार और सूचना भाषा से परे हैं। आधुनिक विमर्शों के सृजन में भाषा की महत्त्वपूर्ण भूमिका है। अंग्रेजी साहित्य के चहुमुखी विकास में अंग्रेजी भाषा की महत्त्वपूर्ण भूमिका रही है।
दो दिवसीय साहित्यिक महोत्सव आयोजन में विभिन्न अंतर-महाविद्यालयी प्रतियोगिताएँ आयोजित की गई जिसमें कहानी लेखन मेला क्विज़ और स्लैम पोएट्री प्रमुख रहीं। महोत्सव की एक प्रमुख विशेषता –बियॉन्ड द बाइनरी : जेंडर डिस्कोर्सेस इन लिटरेचर विषय पर आधारित अंतरमहाविद्यालयी छात्र संगोष्ठी रही, जिसमें हिंदू कॉलेज की ऋद्धि दीक्षित ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। महोत्सव का समापन एक साहित्यिक रैम्प वॉक के साथ हुआ, जिसमें छात्र-छात्राओं ने लोकप्रिय साहित्यिक पात्रों की पोशाकें पहनीं। इसके अलावा एक अस्तित्ववादी व्यंग्य नाटक और रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी आकर्षण का केंद्र रहीं। इस आयोजन को सफल बनाने में प्रो. मीता माथुर, डॉ. आर. के. वर्मा, डॉ. ऐभी विश्वास, शिवम वर्मा, डॉ. हेमचंद्र, प्रतिभा कुमारी और पूजा पांडेय की महत्वपूर्ण भूमिका रही।




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