
7 मई 2025—इस तारीख को भारतीय इतिहास में एक नई इबारत लिखी गई। पहलगाम में हुए आतंकी हमले के महज़ 15 दिन बाद भारत ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) में एयरस्ट्राइक कर आतंक के अड्डों को ध्वस्त कर दिया। मात्र 25 मिनट चले इस ऑपरेशन में दर्जनों आतंकवादी मारे गए और सैकड़ों घायल हुए। भारत के इस सटीक और साहसी जवाब ने एक बार फिर साबित कर दिया कि अब देश चुप नहीं बैठता।
ऐसे साहसिक अभियानों को सिनेमा ने भी जीवंत किया है—कुछ फिल्मों ने भारतीय सेना की वीरता, रणनीतिक सूझबूझ और बलिदान को परदे पर उतारकर हर दर्शक के भीतर देशभक्ति का एक नया ज्वार पैदा किया है। आइए नजर डालते हैं उन भारतीय फिल्मों पर जो सर्जिकल स्ट्राइक और आतंक के खिलाफ निर्णायक कार्रवाइयों को दिखाती हैं:
‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक’ – जब बदले की आवाज गूंजी
2019 में रिलीज़ हुई इस फिल्म ने सच्चे घटनाक्रम पर आधारित होकर सिनेमा में देशभक्ति का नया मानदंड गढ़ा।
मुख्य कलाकार: विक्की कौशल, यामी गौतम
घटना: 2016 उरी हमले के बाद भारतीय सेना द्वारा की गई सर्जिकल स्ट्राइक
हाइलाइट: “How’s the Josh?” – यह डायलॉग आज भी गूंजता है हर देशभक्त के दिल में।
‘ऑपरेशन वैलेंटाइन’ – पुलवामा के जवाब में गरजते फौलादी पंख
1 मार्च 2024 को रिलीज़ हुई यह फिल्म 2019 की बालाकोट एयरस्ट्राइक पर आधारित है।
मुख्य कलाकार: वरुण तेज, मानुषी छिल्लर
कहानी: भारतीय वायुसेना की बहादुरी और जवाबी कार्रवाई की गाथा
विशेषता: पुलवामा हमले में शहीदों को समर्पित, जोश और जज़्बे से भरी हुई
‘फाइटर’ – आसमान से हुआ आर-पार का युद्ध
सिद्धार्थ आनंद के निर्देशन में बनी इस फिल्म ने देशभक्ति को एक ग्लैमरस लेकिन गंभीर रूप में पेश किया।
मुख्य कलाकार: ऋतिक रोशन, दीपिका पादुकोण, करण सिंह ग्रोवर
कहानी: जैश-ए-मोहम्मद की साजिशों का भारतीय वायुसेना द्वारा जवाब
थीम: “हमारा सब्र हमारी कमजोरी नहीं है।”
‘फैंटम’ – एक अकेला एजेंट, दुश्मनों के खिलाफ अकेली जंग
28 अगस्त 2015 को रिलीज़ हुई इस फिल्म में सैफ अली खान और कटरीना कैफ ने आतंक के खिलाफ मिशन मोड में काम करने वाले जासूसों की कहानी को दर्शाया।
प्रेरणा: 26/11 मुंबई हमलों के बाद पाकिस्तानी आतंकियों का सफाया
फोकस: न्याय की तलाश में नायक की व्यक्तिगत और पेशेवर लड़ाई
‘बॉर्डर’ – जब मौत सामने थी, पर भारत पीछे नहीं हटा
1997 की यह क्लासिक फिल्म आज भी हर भारतीय के दिल में खास जगह रखती है।
मुख्य कलाकार: सनी देओल, जैकी श्रॉफ, सुनील शेट्टी, तब्बू
कहानी: 1971 भारत-पाक युद्ध की एक वीरगाथा
भावना: “हर बार जब ये फिल्म आती है, आंखें नम हो जाती हैं और सीना गर्व से चौड़ा।”
इन फिल्मों ने सर्जिकल स्ट्राइक को महज़ एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि राष्ट्र की आत्मा की आवाज के रूप में दिखाया है। जब भी दुश्मन ने सर उठाया, भारत ने जवाब भी दिया—सीमा के पार और परदे पर भी।




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