
राजधानी दिल्ली के सरकारी स्कूलों में 11 मई से 30 जून तक ग्रीष्मकालीन अवकाश रहेगा, लेकिन इस दौरान पढ़ाई पूरी तरह नहीं रुकेगी। शिक्षा निदेशालय ने निर्देश जारी करते हुए सभी सरकारी स्कूलों को 13 मई से 31 मई तक उपचारात्मक कक्षाएं (Remedial Classes) आयोजित करने को कहा है। इन कक्षाओं में कक्षा 9वीं, 10वीं और 12वीं के छात्र शामिल होंगे और इनका उद्देश्य छात्रों की मूल अवधारणाओं को मजबूत करना और उनकी शैक्षणिक क्षमताओं को बेहतर बनाना है।
उपचारात्मक कक्षाएं सुबह 7:30 बजे से 10:30 बजे तक आयोजित की जाएंगी। डबल शिफ्ट में चलने वाले स्कूलों में ये कक्षाएं अलग-अलग विंग्स में आयोजित की जाएंगी। छात्रों के लिए यूनिफॉर्म पहनना अनिवार्य होगा और उनकी उपस्थिति ऑनलाइन दर्ज की जाएगी। इन कक्षाओं में शामिल होने के लिए माता-पिता की सहमति अनिवार्य होगी। निदेशालय ने शिक्षकों को निर्देश दिया है कि वे छात्रों पर व्यक्तिगत रूप से ध्यान दें। यदि नियमित शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं, तो इन कक्षाओं के लिए अतिथि या अनुबंध शिक्षक भी नियुक्त किए जा सकते हैं। इसके साथ ही, जिला और क्षेत्रीय शिक्षा अधिकारियों को हर दिन कम से कम दो स्कूलों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा, सरकारी स्कूलों में छात्रों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के लिए एक और पहल की गई है। शिक्षा निदेशालय ने लाडली फाउंडेशन ट्रस्ट के साथ साझेदारी की है, जिसके तहत 100 स्कूलों में कंप्यूटर लैब स्थापित की जाएंगी। प्रत्येक लैब में करीब 20 कंप्यूटर होंगे और इन्हें 300–400 वर्ग फुट के क्षेत्र में बनाया जाएगा। इन लैबों में एक शिक्षक की नियुक्ति की जाएगी और छात्र यहां सीयूईटी मॉक टेस्ट, स्किल ट्रेनिंग, और जीवन कौशल कार्यशालाओं में भाग ले सकेंगे।
शिक्षा निदेशालय ने स्कूल प्रमुखों को इन गतिविधियों की लगातार निगरानी और मूल्यांकन करने के निर्देश दिए हैं ताकि इनका प्रभाव सुनिश्चित किया जा सके। लैब में बिजली, फर्नीचर, पंखे और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा और इसके लिए स्कूल मैनेजमेंट कमेटी (SMC) फंड का उपयोग किया जा सकता है। इस पहल का उद्देश्य छुट्टियों के दौरान छात्रों की पढ़ाई को रुकने से बचाना और उन्हें तकनीकी रूप से सशक्त बनाना है।




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