
हमारी रोज़मर्रा की मनोरंजन सामग्री दर्शनशास्त्र के गहरे विचारों को दर्शाती हैं और हमारे सामाजिक विश्वासों को भी प्रतिबिंबित करती हैं। साथ ही वे गहरे बौद्धिक और नैतिक सवालों को भी उजागर करती हैं। कैसे? इन्हीं सवालों के उत्तर जान पाएंगे आप अलायंस यूनिवर्सिटी के वेबिनार में।
जी हां, बेंगलुरु स्थित अलायंस यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ लिबरल आर्ट्स द्वारा शनिवार, 10 मई 2025 को शाम 5:00 बजे एक वेबिनार का आयोजन किया जा रहा है। इस अनूठे और विचारोत्तेजक वेबिनार का शीर्षक है – “लोकप्रिय मीडिया के माध्यम से दर्शनशास्त्र”। क्या हो अगर आपका नेटफ्लिक्स बिंज एक दर्शनशास्त्र का क्रैश कोर्स बन जाए?
वेबिनार की मुख्य वक्ता होंगी अलायंस स्कूल ऑफ लिबरल आर्ट्स की , सहायक प्रोफेसर डॉ. पूजा राज और संचालन करेंगी दर्शनशास्त्र की छात्रा परिजात जोशी। कार्यक्रम में इस बात पर चर्चा की जाएगी कि कैसे फिल्में, वेब सीरीज़ और पॉप संस्कृति दर्शनशास्त्र के गहरे विचारों को दर्शाती हैं और हमारे सामाजिक विश्वासों को प्रतिबिंबित करती हैं।
वेबिनार की प्रमुख विषय-वस्तुओं में पॉप संस्कृति और दर्शनशास्त्र के विचारों के बीच संबंध, कैसे मीडिया सामाजिक मान्यताओं को प्रस्तुत करता है और आलोचनात्मक सोच के विकास में फिल्मों और शोज़ की भूमिका शामिल है।
यह वेबिनार छात्रों, शिक्षकों, मीडिया प्रेमियों और दर्शन में रुचि रखने वाले सभी लोगों के लिए एक बेहतरीन अवसर है, जहां वे जान पाएंगे कि हमारी रोज़मर्रा की मनोरंजन सामग्री कैसे गहरे बौद्धिक और नैतिक सवालों को उजागर करती है।
इस वेबिनार से जुड़ने के लिए पंजीकरण लिंक https://zoom.us/webinar/register/WN_ZMpJ8YpuTd-eQwne3WJ2_w का इस्तेमाल किया जा सकता है।
तो जुड़िये अलायंस यूनिवर्सिटी के अलायंस स्कूल ऑफ लिबरल आर्ट्स द्वारा आयोजित होने वाले इस सेमीनार से और जानें कि कैसे मनोरंजन की दुनिया— चाहे वो फिल्में हों या शोज़— दर्शन के गहरे विचारों को हमारे सामने सहज तरीके से प्रस्तुत करती है।
अधिक जानकारी के लिए अलायंस यूनिवर्सिटी की आधिकारिक वेबसाइट www.alliance.edu.in पर भी जा सकते हैं।




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