
उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बिहार सहित कई राज्य बोर्डों ने अपनी-अपनी बोर्ड परीक्षाओं के नतीजे जारी कर दिए हैं, जिससे अब केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) से कक्षा 10वीं और 12वीं के छात्रों को अपने परिणाम का बेसब्री से इंतज़ार है। देशभर में 42 लाख से अधिक छात्र इस समय सीबीएसई रिजल्ट की प्रतीक्षा कर रहे हैं। हालांकि, बोर्ड ने अब तक परिणाम जारी करने की तारीख और समय को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
पिछले वर्षों की प्रवृत्तियों को देखते हुए माना जा रहा है कि नतीजे मई के मध्य तक घोषित किए जा सकते हैं। एक बार रिजल्ट जारी हो जाने के बाद, छात्र अपने अंक cbse.gov.in, cbseresults.nic.in, डिजिलॉकर और उमंग ऐप जैसे अधिकृत पोर्टलों पर देख सकेंगे।
हाल ही में बोर्ड ने एक महत्वपूर्ण सूचना जारी करते हुए छात्रों और अभिभावकों को एक फर्जी नोटिस से सावधान रहने की सलाह दी है। उस झूठे नोटिस में दावा किया गया था कि सीबीएसई परिणाम दो भागों में जारी करेगा और डिजिलॉकर एक्सेस कोड की एक “नई पद्धति” अपनाई जाएगी। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि यह सूचना पूरी तरह से असत्य है और छात्रों को किसी भी प्रकार की अफवाहों या धोखाधड़ी से सावधान रहना चाहिए।
इस वर्ष की बोर्ड परीक्षाएं 15 फरवरी से शुरू हुई थीं। कक्षा 10वीं की परीक्षाएं 1 मार्च को समाप्त हो गईं, जबकि कक्षा 12वीं की परीक्षाएं 4 अप्रैल तक चलीं। परीक्षा की समाप्ति के बाद से ही छात्र परिणाम को लेकर चिंतित हैं, विशेष रूप से ऐसे समय में जब अन्य बोर्डों के परिणाम सामने आ चुके हैं।
सीबीएसई बोर्ड ने 2020 के बाद से मेरिट लिस्ट जारी करना बंद कर दिया है। इस निर्णय के पीछे उद्देश्य यह है कि टॉपर्स की सूची प्रकाशित न करके छात्रों पर अनावश्यक मानसिक दबाव को कम किया जा सके। पिछले साल 13 मई और 2023 में 12 मई को परिणाम घोषित किए गए थे, लेकिन दोनों ही वर्षों में कोई मेरिट लिस्ट जारी नहीं की गई थी। यह परंपरा इस वर्ष भी जारी रहेगी और बोर्ड औपचारिक रूप से किसी टॉपर की सूची जारी नहीं करेगा।
इसके अतिरिक्त, सीबीएसई ने 2025 की परीक्षा प्रक्रिया में एक अहम बदलाव की घोषणा की है। अब छात्र पुनर्मूल्यांकन या अंकों की पुनः जाँच के लिए आवेदन करने से पहले अपनी जांची गई उत्तर पुस्तिकाओं की फोटोकॉपी प्राप्त कर सकेंगे। इस पहल का उद्देश्य प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना और छात्रों को मूल्यांकन समझने में सक्षम बनाना है, ताकि वे यह जान सकें कि उन्हें किन प्रश्नों पर कितने अंक मिले हैं और क्या मूल्यांकन निष्पक्ष रहा है।
छात्रों और अभिभावकों से अनुरोध है कि वे आधिकारिक जानकारी के लिए केवल सीबीएसई की वेबसाइट और भरोसेमंद स्रोतों पर ही निर्भर रहें, और अफवाहों से बचें। रिजल्ट को लेकर उत्सुकता स्वाभाविक है, लेकिन सही जानकारी और धैर्य ही सफलता की कुंजी है।




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