
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीयर स्टारमर आप्रवासन नियमों को सख्त करने की योजना की घोषणा करने वाले हैं। यह ऐसा मुद्दा है जिसने लगातार कई सरकारों को परेशान किया है और एक नई एंटी-इमिग्रेशन पार्टी के उभार को बढ़ावा दिया है, जो देश की राजनीतिक व्यवस्था के लिए खतरा बन सकती है।
पिछले जुलाई में भारी बहुमत से जीतने वाली सेंटर-लेफ्ट लेबर पार्टी के नेता स्टारमर को मतदाताओं के उस गुस्से का सामना करना पड़ रहा है, जो मानते हैं कि अत्यधिक आप्रवासन से सार्वजनिक सेवाओं पर दबाव बढ़ा है और कुछ क्षेत्रों में जातीय तनाव गहरा हुआ है।
स्टारमर ने यह वादा किया है कि वे “ब्रिटेन की असफल खुली सीमा नीति” को खत्म करेंगे। यह घोषणा रिफॉर्म यूके पार्टी की स्थानीय चुनावों में अप्रत्याशित सफलता के महज दो सप्ताह बाद की जा रही है। इन चुनावों में लेबर और कंज़र्वेटिव—दोनों पारंपरिक पार्टियों का समर्थन बुरी तरह घट गया।
स्टारमर ने अपने भाषण के अंश में कहा, “आप्रवासन प्रणाली के हर क्षेत्र—काम, परिवार और पढ़ाई—को सख्त किया जाएगा ताकि हमारे पास ज्यादा नियंत्रण हो। प्रवर्तन पहले से कहीं ज्यादा कड़ा होगा और प्रवासियों की संख्या में गिरावट आएगी। हम एक ऐसी प्रणाली बनाएंगे जो नियंत्रित, चयनात्मक और निष्पक्ष हो।”
ब्रिटेन में आप्रवासन: एक ज्वलंत मुद्दा
ब्रिटेन में आप्रवासन 2004 से एक संवेदनशील मुद्दा रहा है, जब यूरोपीय संघ का विस्तार हुआ और कई पूर्वी यूरोपीय देश इसमें शामिल हुए। अधिकांश ईयू देश जहां नए सदस्य देशों से आप्रवासन पर अस्थायी रोक लगाए हुए थे, वहीं यूके ने तुरंत अपने श्रम बाजार को खोल दिया, जिससे बड़ी संख्या में लोग आने लगे।
2010 तक, तत्कालीन प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने सालाना निवल आप्रवासन को 1,00,000 से नीचे लाने का वादा किया था—एक लक्ष्य जिसे चार कंज़र्वेटिव सरकारें भी पूरा नहीं कर सकीं। 2016 में इसी असफलता के चलते ब्रेक्सिट जनमत संग्रह हुआ, जिसमें यूके ने ईयू से बाहर निकलने के पक्ष में मतदान किया।
लेकिन ब्रेक्सिट के बाद भी काम, शिक्षा और पारिवारिक पुनर्मिलन के लिए आने वाले लोगों की संख्या में कोई खास कमी नहीं आई।
सीमा नियंत्रण पर बढ़ते सवाल
पिछले कुछ वर्षों में सरकार की सीमा नियंत्रण पर पकड़ ढीली होने की चिंता तब और बढ़ गई, जब हजारों प्रवासी मानव तस्करों द्वारा संचालित छोटे-छोटे रबर की नावों में अवैध रूप से यूके में घुसते दिखे। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2023 में 37,000 लोगों ने इंग्लिश चैनल पार किया, जो 2022 के 45,755 से कम जरूर था, लेकिन फिर भी एक गंभीर मुद्दा बना रहा।
रिफॉर्म पार्टी के उप नेता रिचर्ड टाइस ने स्काई न्यूज़ से कहा, “लोग वैध और अवैध दोनों प्रकार के आप्रवासन के स्तर को लेकर बेहद नाराज़ हैं, और हमारी चुनावी सफलता इसी गुस्से की वजह से है।”
यूके में सालाना निवल आप्रवासन
सालाना निवल आप्रवासन—यानि जो लोग देश में आए, उनमें से जो देश छोड़ गए, उन्हें घटाकर—जून 2024 तक के आंकड़ों के अनुसार 7,28,000 था। यह आंकड़ा 2023 से 20% कम है, लेकिन फिर भी 2010 में तय किए गए लक्ष्य से सात गुना अधिक है।
गृह मंत्री यवेट कूपर, जो आप्रवासन नीति की प्रमुख हैं, ने रविवार को कहा कि स्टारमर की सरकार अब कोई नया लक्ष्य निर्धारित नहीं करेगी।
उन्होंने कहा, “हम उस विफल दृष्टिकोण को नहीं अपनाएंगे। हमें पूरे सिस्टम में भरोसा और विश्वसनीयता फिर से स्थापित करनी है।”
इसके बजाय सरकार कम कौशल वाले कामगारों के वीजा पर रोक जैसे उपायों पर ध्यान केंद्रित करेगी। कूपर के अनुसार, इस नई नीति से अगले वर्ष 50,000 कम वीजा जारी किए जाएंगे।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
कूपर के कंज़र्वेटिव समकक्ष क्रिस फिल्प ने कहा कि उनकी पार्टी इन प्रस्तावों का समर्थन करेगी, लेकिन यह पर्याप्त नहीं हैं।
उन्होंने कहा, “हम संसद में एक प्रस्ताव लाएंगे जिसमें प्रवासियों की संख्या पर वार्षिक सीमा तय हो और उस पर संसद की मंज़ूरी हो—ताकि लोकतांत्रिक जवाबदेही बहाल हो सके, क्योंकि मौजूदा संख्या बहुत अधिक है।”




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