
हरियाणा के सोनीपत स्थित अशोका यूनिवर्सिटी के सहायक प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद को सेना की महिला अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी, विंग कमांडर व्योमिका सिंह और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस ने उन्हें मंगलवार को अदालत में पेश किया, जहां सात दिन की रिमांड की मांग खारिज करते हुए न्यायालय ने उन्हें जेल भेजने का आदेश दिया। अब इस मामले की अगली सुनवाई 27 मई को होगी।
महिला आयोग ने की कार्रवाई की सिफारिश
हरियाणा महिला आयोग की अध्यक्ष रेणु भाटिया ने मीडिया को बताया कि आरोपी प्रोफेसर ने “देश की बेटी” कर्नल सोफिया कुरैशी पर अपमानजनक टिप्पणी की थी। इस पर संज्ञान लेते हुए आयोग ने राज्य के डीजीपी को पत्र लिखकर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए थे, जिसके बाद सोनीपत पुलिस ने प्रोफेसर को गिरफ्तार किया।
पूर्वजों पर गंभीर आरोप
रेणु भाटिया ने यह भी दावा किया कि प्रोफेसर अली खान के पूर्वजों ने पाकिस्तान की एक राजनीतिक पार्टी को आर्थिक मदद दी थी। उन्होंने खुफिया एजेंसियों से इस पहलू की भी गंभीरता से जांच करने की मांग की है।
पुलिस पर लापरवाही का आरोप
भाटिया ने यह आरोप भी लगाया कि इस पूरे मामले में सोनीपत पुलिस की ओर से लापरवाही बरती गई। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए संबंधित जिले के पुलिस अधिकारी का तबादला कर दिया है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का धन्यवाद भी व्यक्त किया।
दो एफआईआर, एक गिरफ्तारी
प्रोफेसर अली खान के खिलाफ राई थाना पुलिस ने दो अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं। पहला मामला गांव जठेड़ी के सरपंच की शिकायत पर, और दूसरा हरियाणा महिला आयोग की शिकायत पर दर्ज हुआ है। आयोग की शिकायत में सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट और आयोग के नोटिस की अनदेखी जैसे आरोप शामिल हैं।
पुलिस ने प्रोफेसर को 18 मई को दिल्ली के ग्रेटर कैलाश से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उन्हें दो दिन की रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई थी।




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