
नगालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य में 9 लाइटहाउस स्कूल कॉम्प्लेक्स (LSC) की आधारशिला रखी और 6 खेल एवं मनोरंजन परियोजनाओं का उद्घाटन किया। यह पहल नगालैंड शिक्षा परियोजना – द लाइटहाउस (NECTAR) के तहत की गई, जिसे स्कूल शिक्षा विभाग और विश्व बैंक के सहयोग से संचालित किया जा रहा है।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, ये स्कूल राज्य के 9 जिलों—चुमौकेदिमा, फेक, किफिर, जुन्हेबोटो, शमाटोर, नोक्लाक, लोंगलेंग, मोकोकचुंग और दीमापुर—में स्थापित किए जाएंगे। ये संस्थान मॉडल स्कूलों के रूप में विकसित किए जाएंगे, जिनमें अकादमिक उत्कृष्टता के लिए आवश्यक सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
राज्य के सभी 16 जिलों में बनाए जाएंगे लाइटहाउस स्कूल
बयान में यह भी उल्लेख किया गया कि प्रत्येक जिले में एक LSC की योजना के तहत 16 लाइटहाउस स्कूलों का निर्माण किया जाएगा, जिनकी कुल अनुमानित लागत 198.57 करोड़ रुपये है। इससे पहले, मुख्यमंत्री ने 1 दिसंबर 2023 को 7 अन्य LSC की भी आधारशिला रखी थी।
इन स्कूलों का उद्देश्य सामाजिक-आर्थिक रूप से वंचित समुदायों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए समावेशी शिक्षा का वातावरण बनाना है।
शिक्षा क्षेत्र में आ रहा है बदलाव: मुख्यमंत्री रियो
मुख्यमंत्री रियो ने अपने संबोधन में कहा, “राज्य में शिक्षा व्यवस्था में व्यापक और सकारात्मक बदलाव हो रहे हैं।” उन्होंने स्कूल शिक्षा विभाग और NECTAR परियोजना की नवाचारपूर्ण सोच और कार्यों के लिए सराहना की। उन्होंने कहा कि यह पहल कक्षाओं और शिक्षण पद्धतियों को आधुनिक बनाने के साथ-साथ पूरे स्कूल इकोसिस्टम में बदलाव लाएगी।
सीएम ने केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय और वित्तीय साझेदारों का आभार प्रकट करते हुए कहा कि उनका सहयोग इस परिवर्तन को साकार करने में महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह परियोजना नगालैंड के छात्रों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम बनाएगी।
6 खेल एवं मनोरंजन परियोजनाओं का भी हुआ उद्घाटन
मुख्यमंत्री ने राज्य के विभिन्न जिलों में तैयार 6 खेल और मनोरंजन सुविधाओं का भी उद्घाटन किया। इनमें दीमापुर में एक कुश्ती प्रशिक्षण केंद्र, वोखा में एक मिनी स्टेडियम और शमाटोर में एक मल्टी-डिसिप्लिनरी स्पोर्ट्स स्टेडियम शामिल हैं।
अपने सोशल मीडिया पोस्ट में रियो ने लिखा, “ये सुविधाएं प्रतिभा को निखारने, रचनात्मकता को अभिव्यक्त करने और खेलों में उत्कृष्टता को बढ़ावा देने का मंच बनेंगी।”
उन्होंने यह भी बताया कि ये परियोजनाएं पूर्वोत्तर परिषद, नॉन-लैप्सेबल सेंट्रल पूल ऑफ रिसोर्सेज (NLCPR) और राज्यों के पूंजी निवेश हेतु विशेष सहायता योजना जैसी केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं से वित्तपोषित हैं। रियो ने इन्हें “अवसर और प्रगति का प्रतीक” बताया।




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