
हार्वर्ड यूनिवर्सिटी और ट्रंप प्रशासन के बीच चल रहे कानूनी विवाद में अमेरिकी संघीय न्यायालय ने एक बार फिर हार्वर्ड के पक्ष में फैसला सुनाया है। बोस्टन में अमेरिकी जिला न्यायाधीश एलिसन बरो ने सोमवार को दिए गए आदेश में ट्रंप प्रशासन द्वारा विदेशी छात्रों के हार्वर्ड में प्रवेश पर लगाई गई रोक पर दूसरी बार अस्थायी रूप से रोक लगा दी। न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि जब तक मामले का अंतिम निपटारा नहीं हो जाता, तब तक विदेशी छात्रों को हार्वर्ड में पढ़ाई के लिए अमेरिका आने की अनुमति जारी रहेगी। यह फैसला हार्वर्ड के लिए हाल के महीनों में ट्रंप प्रशासन की नीतियों के खिलाफ मिली एक और कानूनी जीत है। इससे पहले शुक्रवार को भी इसी आदेश पर पहली बार निषेधाज्ञा जारी की जा चुकी थी।
गौरतलब है कि मई 2025 में हार्वर्ड यूनिवर्सिटी ने अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी डिपार्टमेंट के खिलाफ केस दायर किया था। यह विभाग विदेशी छात्रों को वीजा देने की प्रक्रिया संचालित करता है। ट्रंप प्रशासन ने हार्वर्ड की वीजा अनुमति रद्द कर दी थी, जिससे करीब 7,000 विदेशी छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया था। इस आदेश के चलते छात्रों को या तो यूनिवर्सिटी छोड़नी पड़ती या अमेरिका में उनका कानूनी दर्जा खत्म हो जाता। जून में प्रशासन ने एक बार फिर इसी तरह की रोक लगाने की कोशिश की, जिसे कोर्ट ने फिर अस्थायी तौर पर खारिज कर दिया।
ट्रंप प्रशासन ने यह कार्रवाई राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए की थी। इससे पहले, सरकार ने हार्वर्ड के विदेशी छात्रों को पढ़ाने की अनुमति रद्द करने की कोशिश की थी। इसके अलावा ट्रंप सरकार ने यूनिवर्सिटी के खिलाफ कई सख्त कदम भी उठाए—जिसमें $2.6 अरब डॉलर का रिसर्च फंड काटना, सरकारी कॉन्ट्रैक्ट रद्द करना, टैक्स छूट खत्म करने की धमकी देना और विदेशी छात्रों से जुड़ी जानकारी मांगना शामिल है। जब हार्वर्ड द्वारा दी गई जानकारी ट्रंप प्रशासन को पर्याप्त नहीं लगी, तो 22 मई को यूनिवर्सिटी का स्टूडेंट एंड एक्सचेंज विज़िटर प्रोग्राम सर्टिफिकेशन रद्द कर दिया गया।
यह टकराव सिर्फ नीति तक सीमित नहीं है। ट्रंप प्रशासन का आरोप है कि हार्वर्ड अत्यधिक ‘लिबरल’ हो गया है और यह यहूदी-विरोधी घटनाओं की अनदेखी करता है। लंबे समय से जारी इस तनातनी के बीच अदालत का यह आदेश न केवल विदेशी छात्रों को राहत देता है, बल्कि शिक्षा और राजनीति के टकराव में न्यायपालिका की भूमिका को भी रेखांकित करता है।




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