
‘ऑपरेशन सिंदूर’ के चलते मई में होने वाली सेमेस्टर परीक्षाएं नहीं दे पाने वाले छात्रों के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय ने राहत भरा कदम उठाया है। विश्वविद्यालय ने ऐसे छात्रों को 13, 14 और 15 मई को छूटे हुए पेपर दोबारा देने का अवसर देने की घोषणा की है।
छूटे पेपर के लिए विशेष परीक्षा का प्रावधान
परीक्षा नियंत्रक प्रोफेसर गुरप्रीत सिंह टुटेजा ने बताया कि यह निर्णय शैक्षणिक वर्ष 2024-25 के स्नातक एवं परास्नातक छात्रों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, जिनकी परीक्षाएं सुरक्षा कारणों से प्रभावित हुई थीं।
विश्वविद्यालय द्वारा मंगलवार को जारी अधिसूचना में कहा गया है कि ऐसे सभी पात्र छात्र 10 जुलाई 2025 (गुरुवार) रात 11:59 बजे तक निर्धारित गूगल फॉर्म के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। यह फॉर्म केवल उन्हीं छात्रों के लिए मान्य होगा जो निर्धारित तिथियों पर परीक्षा में उपस्थित नहीं हो सके थे।
दस्तावेजी प्रमाण अनिवार्य
विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा में अनुपस्थित रहने का वैध कारण बताने के लिए छात्रों को आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे, जिससे यह प्रमाणित हो सके कि वे दिल्ली नहीं पहुंच सके थे।
परीक्षा नियंत्रक ने कहा कि यह पहल सुनिश्चित करती है कि छात्रों को उनके नियंत्रण से बाहर की परिस्थितियों के कारण शैक्षणिक नुकसान न झेलना पड़े, साथ ही प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए दस्तावेजी साक्ष्य अनिवार्य रहेंगे।
तिथियां बाद में घोषित होंगी
केवल सत्यापित आवेदकों के लिए ही परीक्षा दोबारा आयोजित की जाएगी, जिसकी तिथियों की घोषणा बाद में परीक्षा शाखा द्वारा की जाएगी।
यह निर्णय उन दर्जनों छात्रों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है जिनकी पढ़ाई ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान उत्पन्न परिस्थितियों से प्रभावित हुई थी।




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