
जम्मू-कश्मीर में स्कूलों के समय में बदलाव को लेकर हो रही तीखी आलोचना के बीच प्रदेश की शिक्षा मंत्री सकीना इटू का बयान सामने आया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि स्कूलों के समय को लेकर लिया गया निर्णय अंतिम नहीं है और इस पर पुनर्विचार संभव है।
स्कूल समय में बदलाव के आदेश से उपजा विवाद
दरअसल, शिक्षा विभाग ने बीते सोमवार को कश्मीर और जम्मू संभाग के शीतकालीन क्षेत्रों में आने वाले सभी स्कूलों के समय में परिवर्तन करने का आदेश जारी किया था। इसके तहत श्रीनगर नगर निगम की सीमा के भीतर आने वाले स्कूलों का नया समय
सुबह 7:30 बजे से 11:30 बजे तक और नगर सीमा से बाहर के स्कूलों का समय
सुबह 8:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक है।
गौरतलब है कि गर्मी की छुट्टियों से पहले स्कूल आमतौर पर सुबह 9:00 बजे के आसपास खुलते थे। स्कूल 8 जुलाई, मंगलवार से दोबारा खुल गए हैं, जिन्हें 21 जून से 7 जुलाई तक तीव्र गर्मी के कारण बंद कर दिया गया था।
अभिभावकों और विपक्ष की तीखी प्रतिक्रिया
संशोधित समय को लेकर अभिभावकों, शिक्षकों और विपक्षी नेताओं सहित विभिन्न वर्गों ने कड़ी नाराज़गी जताई है। परिजनों का कहना है कि बच्चों को इतनी सुबह स्कूल भेजना व्यवहारिक नहीं है, खासकर छोटे बच्चों के लिए। विपक्ष ने भी निर्णय की व्यावहारिकता और योजनाबद्धता पर सवाल खड़े किए हैं।
शिक्षा मंत्री का बयान
इस विवाद के बीच शिक्षा मंत्री सकीना इटू ने कहा, “मुझे इस फैसले को लेकर कई कॉल आए हैं। मैं स्पष्ट करना चाहती हूं कि यह स्कूल टाइमिंग अंतिम नहीं है। यदि हमें लगेगा कि बदलाव की ज़रूरत है, तो हम इसे संशोधित कर सकते हैं।”
उन्होंने यह भी दोहराया कि सरकार छात्रों और अभिभावकों की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देती है, और यदि ज़मीनी हालात के अनुसार समय में बदलाव आवश्यक हुआ, तो उचित कदम उठाए जाएंगे।
जम्मू-कश्मीर में स्कूलों के समय में बदलाव ने एक नई बहस को जन्म दिया है। प्रशासन को अब अभिभावकों की चिंताओं और स्थानीय परिस्थितियों के बीच संतुलन साधते हुए एक व्यवहारिक निर्णय लेना होगा। शिक्षा मंत्री की ओर से पुनर्विचार के संकेत ने सभी को राहत की उम्मीद दी है।




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