
सुप्रीम कोर्ट ने NEET PG परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई के लिए 3 अगस्त 2025 की तारीख तय की है। ये याचिकाएं मुख्य रूप से उत्तर कुंजी (Answer Key) और मूल्यांकन प्रक्रिया (Evaluation Process) को सार्वजनिक करने की मांग से जुड़ी हुई हैं।
न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन और न्यायमूर्ति एन.वी. अंजारिया की पीठ ने सोमवार को इस मामले पर संक्षिप्त सुनवाई करते हुए अगली सुनवाई की तिथि निर्धारित की।
NBE की प्रणाली को लेकर उठे सवाल
इन याचिकाओं में से एक याचिका अधिवक्ता तन्वी दुबे के माध्यम से दाखिल की गई है, जिसमें नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन (NBE) की मूल्यांकन प्रक्रिया को अपारदर्शी बताया गया है। याचिका में कहा गया है कि परीक्षा में शामिल उम्मीदवारों को परिणाम और मूल्यांकन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी से वंचित रखा जा रहा है।
याचिका में उठाई गई प्रमुख मांगें
1. परीक्षार्थियों को प्रश्नपत्र और उत्तर कुंजी सुलभ कराई जाए।
2. सही और गलत प्रश्नों की पूरी सूची सार्वजनिक की जाए।
3. अंक गणना में त्रुटि पाए जाने पर पुनर्मूल्यांकन (Revaluation) या दोबारा जांच (Rechecking) की सुविधा दी जाए।
4. परीक्षार्थियों को विवादित प्रश्नों या उत्तरों को चुनौती देने का अवसर मिले।
5. आगामी परीक्षाओं के लिए पारदर्शी मूल्यांकन प्रणाली लागू की जाए।
पारदर्शिता की कमी पर सवाल
याचिका में यह भी कहा गया है कि मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी से परीक्षा की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लगते हैं और इससे उम्मीदवारों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन होता है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट से इस व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग की गई है।
अब यह मामला 3 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई में रखा जाएगा, जहां इन सभी बिंदुओं पर विस्तार से बहस होगी।




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