
आज भारत दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाला देश बन चुका है, और इसके साथ ही रोजगार के अवसरों को लेकर चुनौतियां भी सामने आ रही हैं। अब तक अधिकांश युवा रोजगार के लिए महानगरों का रुख करते रहे हैं, लेकिन LinkedIn की ताज़ा रिपोर्ट ‘Cities on the Rise’ से सामने आया है कि अब यह तस्वीर बदल रही है। गैर-महानगरीय यानी टियर-2 और टियर-3 शहर भी तेज़ी से रोजगार के हॉटस्पॉट बनते जा रहे हैं।
इस रिपोर्ट के अनुसार, विशाखापट्टनम, रांची, विजयवाड़ा, नासिक और रायपुर जैसे शहर अब उभरते हुए प्रोफेशनल हब बन रहे हैं, जहां नौकरियों और करियर के नए अवसर लगातार पैदा हो रहे हैं। इतना ही नहीं, राजकोट, आगरा, मदुरै, वडोदरा और जोधपुर जैसे शहरों को भविष्य के डेवलपमेंट सेंटर के रूप में देखा जा रहा है। ये शहर अब उन लोगों को आकर्षित कर रहे हैं जो अपने गृहनगर के आसपास ही अवसर तलाशना चाहते हैं या फिर मेट्रो शहरों से लौटकर संतुलित जीवन जीना चाहते हैं।
सरकार की नीतियों और निवेश की भूमिका
इस ट्रेंड के पीछे एक बड़ा कारण है—केंद्र और राज्य सरकारों की विकासोन्मुखी नीतियां, जो स्थानीय उद्योगों और बुनियादी ढांचे को बढ़ावा दे रही हैं। LinkedIn की करियर विशेषज्ञ और भारत की सीनियर मैनेजिंग एडिटर निरजीता बनर्जी का कहना है कि “टियर-2 और टियर-3 शहर अब भारत के आर्थिक परिवर्तन के केंद्र बन चुके हैं। ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC), MSME सेक्टर की तेजी और सरकार की ‘विकसित भारत’ पहल ने इन शहरों को करियर हब में बदलना शुरू कर दिया है।”
उनका मानना है कि अब युवाओं को सार्थक करियर की तलाश में बड़े शहरों की ओर रुख करने की ज़रूरत नहीं रही। ये छोटे शहर भी अब इंडस्ट्री, जॉब रोल और कार्यक्षेत्रों में भरपूर अवसर दे रहे हैं।
तकनीक, हेल्थ और वित्त बना रहे हैं भविष्य
LinkedIn रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि प्रौद्योगिकी, फार्मा और वित्तीय क्षेत्र इन शहरों में सबसे अधिक रोजगार सृजन कर रहे हैं। AI और डेटा एनालिटिक्स की बढ़ती मांग के साथ, टेक्नोलॉजी कंपनियां अब इन क्षेत्रों में अपनी मौजूदगी बढ़ा रही हैं।विशाखापट्टनम और वडोदरा में हेल्थकेयर और फार्मास्युटिकल कंपनियां नई नौकरियों का स्रोत बन रही हैं। रायपुर, आगरा और जोधपुर जैसे शहरों में बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं में गतिविधि तेज़ी से बढ़ रही है।
किन शहरों और क्षेत्रों में सबसे अधिक नौकरियां?
रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया गया है कि नासिक, रायपुर, राजकोट, आगरा, वडोदरा और जोधपुर में बिजनेस डेवलपमेंट क्षेत्र में सर्वाधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध हैं।विशाखापट्टनम, विजयवाड़ा और मदुरै इंजीनियरिंग क्षेत्र के लिए उभरते हुए केंद्र बन रहे हैं। इसके अलावा, सेल्स, ऑपरेशंस और एजुकेशन जैसे कार्यक्षेत्र भी इन शहरों में मजबूत पकड़ बना रहे हैं और पेशेवरों को आकर्षित कर रहे हैं।
भारत का भविष्य अब केवल महानगरों तक सीमित नहीं रहा। टियर-2 और टियर-3 शहरों की बदलती तस्वीर यह संकेत दे रही है कि अब देश का विकास विकेन्द्रित रूप ले रहा है। यह बदलाव न केवल क्षेत्रीय संतुलन को बढ़ावा देगा, बल्कि स्थानीय टैलेंट को भी वहीं के माहौल में फलने-फूलने का अवसर देगा।
अब समय आ गया है कि युवाओं को करियर के लिए सिर्फ दिल्ली, मुंबई या बेंगलुरु की ओर देखने की ज़रूरत नहीं—रायपुर, रांची और राजकोट जैसे शहर भी उन्हें बुला रहे हैं।




Add comment