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बिहार में तकनीकी शिक्षा को मिलेगा रोजगार से सीधा जुड़ाव, छात्रों को इंटर्नशिप और प्लेसमेंट की गारंटी

बिहार सरकार अब तकनीकी शिक्षा को रोजगारोन्मुख और उद्योगों से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य सरकार सरकारी तकनीकी शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत प्रत्येक छात्र-छात्रा को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में योजना बना रही है।

सरकार का लक्ष्य है कि छात्रों को प्रतिष्ठित कंपनियों में इंटर्नशिप और उसके बाद प्रत्यक्ष प्लेसमेंट के अवसर मिलें। इस उद्देश्य से सरकार TCS, Tech Mahindra सहित देश की दर्जनों नामचीन आईटी व औद्योगिक कंपनियों के साथ एमओयू (MoU) करने की तैयारी में है।

राज्य में तकनीकी शिक्षा का मौजूदा आधारभूत ढांचा
– 46 राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थानों में लगभग 11,211 सीटें
– 38 राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालयों (इंजीनियरिंग कॉलेजों) में करीब 13,915 विद्यार्थी

विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, राज्य सरकार पहले ही टाटा टेक्नोलॉजी के सहयोग से कई आईटीआई संस्थानों का आधुनिकीकरण कर चुकी है। इन संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए इंटर्नशिप और अप्रेंटिसशिप की व्यापक व्यवस्था की गई है, जिससे प्लेसमेंट की दर में भी वृद्धि देखी गई है।

अब यही मॉडल पॉलिटेक्निक और इंजीनियरिंग संस्थानों में लागू किया जा रहा है, ताकि छात्रों को शिक्षा के साथ-साथ उद्योगों की वास्तविक आवश्यकताओं की भी जानकारी मिल सके।

पुस्तकालय और प्रयोगशालाएं होंगी अत्याधुनिक
सरकार ने तकनीकी शिक्षण संस्थानों में डिजिटल लाइब्रेरी और अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं की स्थापना के लिए भी एक व्यापक योजना तैयार की है। इसके तहत 76 करोड़ 34 लाख रुपये की लागत से सभी इंजीनियरिंग कॉलेजों और पॉलिटेक्निक संस्थानों को आधुनिक संसाधनों से सुसज्जित किया जाएगा।

इस योजना के अंतर्गत:
– सभी संस्थानों में डिजिटल पुस्तकालय की स्थापना
– प्रायोगिक शिक्षण के लिए अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं का विकास

सरकार का उद्देश्य
इस पहल का मुख्य उद्देश्य है:
– छात्रों को उद्योगों के अनुकूल तकनीकी प्रशिक्षण देना
– उन्हें प्रतिष्ठित कंपनियों में इंटर्नशिप और रोजगार के लिए तैयार करना
– तकनीकी संस्थानों की गुणवत्ता और अधोसंरचना को राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप लाना

बिहार में तकनीकी शिक्षा अब केवल डिग्री तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह छात्रों को सीधे रोजगार के रास्ते पर ले जाने वाली व्यावसायिक और व्यावहारिक शिक्षा में तब्दील हो रही है।

 

Asmita Sarkar

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