
दिल्ली सरकार ने शिक्षा क्षेत्र को सशक्त बनाने के उद्देश्य से दो अहम निर्णयों की घोषणा की है। पहला निर्णय उन 1,200 मेधावी छात्रों को मुफ्त i7 लैपटॉप देने का है जिन्होंने कक्षा 10वीं में शानदार प्रदर्शन किया है, जबकि दूसरा निर्णय सरकारी स्कूलों में ICT (सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी) लैब्स की स्थापना से जुड़ा है।
शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि ये दोनों फैसले मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिए गए हैं।
i7 लैपटॉप से डिजिटल शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा
‘मुख्यमंत्री डिजिटल एजुकेशन योजना’ के तहत दिल्ली सरकार के स्कूलों में पढ़ने वाले उन छात्रों को मुफ्त लैपटॉप दिए जाएंगे, जिन्होंने कक्षा 10वीं की परीक्षा में उत्कृष्ट अंक प्राप्त किए हैं।
शिक्षा मंत्री ने कहा, “इस योजना का उद्देश्य छात्रों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाना और उन्हें राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के अनुरूप भविष्य की पढ़ाई के लिए तैयार करना है।”
सरकारी स्कूलों में बनेंगी ICT लैब्स
दिल्ली सरकार इस शैक्षणिक सत्र से अपने सरकारी स्कूलों में सीबीएसई मानकों के अनुरूप ICT लैब्स स्थापित करेगी। इन लैब्स का उद्देश्य छात्रों को तकनीकी एवं डिजिटल शिक्षा से जोड़ना है, ताकि वे वर्तमान और भविष्य की मांगों के अनुरूप खुद को दक्ष बना सकें।
इसके तहत सरकार ने एक निजी संस्था के साथ समझौता (MoU) किया है, जिसके तहत CSR (कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) योजना के अंतर्गत 100 ICT लैब्स तैयार की जाएंगी।
पूर्ववर्ती सरकार पर हमला
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंत्री आशीष सूद ने पूर्ववर्ती सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “आप सरकार के कार्यकाल में एक भी संचालित कंप्यूटर लैब नहीं थी। वे खुद को ‘शिक्षा क्रांति’ का अग्रदूत बताते थे, लेकिन 1,074 सरकारी स्कूलों में कोई भी कार्यशील लैब नहीं थी।”
उन्होंने चुनौती दी कि लोग जाकर खुद देख सकते हैं कि उन स्कूलों की स्थिति क्या रही है, और किस तरह की शिक्षा क्रांति का दावा किया गया था।
इस नई पहल से दिल्ली के सरकारी स्कूलों में न केवल डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगा, बल्कि छात्र भी तकनीकी रूप से सशक्त और प्रतिस्पर्धी बन सकेंगे।




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