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नकल के आरोप से परेशान बीटेक छात्रा ने दी जान, कॉलेज प्रबंधन व कर्मचारी पर केस दर्ज 

उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा स्थित जीएनआईओटी कॉलेज की बीटेक प्रथम वर्ष की छात्रा ने तनाव में आकर जान दे दी। सेक्टर सिग्मा-4 स्थित घर के कमरे में छात्रा खुशबू (19) का शव फंदे से पंखे पर लटका मिला। परिजनों का आरोप लगाया है कि 9 जुलाई को छात्रा नॉलेज पार्क के केसीसी कॉलेज में परीक्षा देने गई थी। जहां कॉलेज में उस पर नकल करने का झूठा आरोप लगाया गया। जिसके बाद से वह तनाव में थी। 

छात्रा के भाई विकास पंडित की शिकायत पर बीटा-2 कोतवाली पुलिस ने केसीसी कॉलेज प्रबंधन व कर्मचारी के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। मूलरूप से बिहार के वैशाली जिले की निवासी खुशबू सिग्मा-4 स्थित ग्रैंड फोर्ट सोसाइटी में सपरिवार रहती थी। पिता राजवल्लभ पंडित ईंट भट्ठा कारोबारी हैं। पांच भाई-बहनों में सबसे छोटी खुशबू नॉलेज पार्क के जीएनआईओटी कॉलेज से बीटेक (एआईबीएस) प्रथम वर्ष की छात्रा थी। 

पुलिस को दी शिकायत में विकास ने कहा कि जीएनआईओटी कॉलेज के छात्रों का परीक्षा केंद्र केसीसी कॉलेज था। 9 जुलाई को खुशबू वहां परीक्षा देने गई थी। परीक्षा के दौरान वह वाॅशरूम में गई थी। आरोप है कि वहां से वापस आने पर शिक्षक ने सीट पर नकल की पर्ची मिलने की बात कहकर खुशबू की उत्तर पुस्तिका जब्त कर ली। बदले में छात्रा को नई उत्तर पुस्तिका दी गई थी। 

आरोप है कि तभी से छात्रा तनाव में चल रही थी। विकास ने केसीसी कॉलेज प्रबंधन व एग्जाम कंट्रोलर के खिलाफ शिकायत दी है जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम कराने के बाद बुधवार को छात्रा का शव परिजनों को सौंप दिया गया। देर शाम छात्रा का अंतिम संस्कार किया गया। जिसमें जीएनआईओटी कॉलेज के शिक्षक भी शामिल हुए। 

परिजनों के मुताबिक परीक्षा में नकल करने के आरोप से तनाव में आई छात्रा ने इसकी शिकायत अपने कॉलेज में की थी। आरोप है कि वहां केवल काउंसलिंग की गई। बाद में छात्रा ने विश्वविद्यालय को ई-मेल कर शिकायत की थी। साथ ही महिला आयोग और केसीसी कॉलेज के डायरेक्टर को भी ई-मेल किया था, लेकिन किसी स्तर से उसे मदद नहीं मिली।

परिजनों के मुताबिक छात्रा ने अपनी शिकायत में बताया था कि 9 जुलाई को केमिस्ट्री की परीक्षा थी। जबकि नकल की पर्ची फिजिक्स के पेपर की थी। उसने इसका हवाला दिया था, लेकिन उसकी सुनी नहीं गई। पुलिस का कहना है कि इस तथ्य की भी जांच की जा रही है।

जीएनआईओटी के निदेशक डॉ. धीरज गुप्ता ने छात्रा की मौत पर दुख जताया है। उन्होंने कहा संस्थान छात्रा के परिवार के साथ है। शिकायत के बाद उसकी काउंसलिंग की गई थी। छात्रा ने 10 व 16 जुलाई के बीच तीन अन्य पेपर भी दिए थे। उसके बाद 24 और 25 जुलाई को कॉलेज में आकर प्रैक्टिकल परीक्षा भी दी थी। 

Asmita Sarkar

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