
इस साल नीट-पीजी परीक्षा में 2.42 लाख से ज्यादा अभ्यर्थियों ने भाग लिया। यह परीक्षा राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान परीक्षा बोर्ड (NBEMS) द्वारा देशभर के पोस्टग्रेजुएट मेडिकल कोर्सों में दाखिले के लिए आयोजित की जाती है।
रिपोर्ट के अनुसार, यह कंप्यूटर आधारित परीक्षा एक ही पाली में 301 शहरों और 1,052 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई।
इतिहास की सबसे बड़ी परीक्षा और कड़ी निगरानी व्यवस्था
अभ्यर्थियों की संख्या के लिहाज से यह भारत में एक पाली में आयोजित की गई सबसे बड़ी कंप्यूटर आधारित परीक्षा रही। परीक्षा में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए NBEMS ने देशभर के मेडिकल कॉलेजों और मान्यता प्राप्त अस्पतालों से 2,200 से अधिक अनुभवी संकाय सदस्यों की तैनाती की।
इसके अलावा, सभी राज्यों के मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों को पत्र भेजकर परीक्षा केंद्रों पर कानून-व्यवस्था, साइबर सुरक्षा और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया था। जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस की भी मदद ली गई।
साइबर कमांडो और लाइव निगरानी प्रणाली से लैस परीक्षा
साइबर धोखाधड़ी रोकने के लिए गृह मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) से सहयोग लिया गया। लगभग 300 साइबर कमांडो संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर तैनात किए गए, जिनका उद्देश्य नकल जैसी किसी भी गड़बड़ी को रोकना था।
NBEMS के कार्यालय में 200 से अधिक कर्मियों की टीम ने सभी परीक्षा केंद्रों से आ रहे CCTV फुटेज की लाइव निगरानी की।
कड़े सुरक्षा इंतज़ाम और निष्पक्षता सुनिश्चित
परीक्षा की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए वरिष्ठ संकाय सदस्य, मेडिकल कॉलेजों के डीन/डायरेक्टर और NBEMS के गवर्निंग बॉडी के सदस्य उड़नदस्तों के रूप में अचानक निरीक्षण करने पहुंचे।
साथ ही, हर केंद्र पर मोबाइल सिग्नल जैमर लगाकर सिग्नल पूरी तरह ब्लॉक किए गए।
NEET-PG परीक्षा एमडी, एमएस और पीजी डिप्लोमा जैसे विभिन्न स्नातकोत्तर चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आवश्यक है और यह मेडिकल शिक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण चरण माना जाता है।




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