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वैज्ञानिकों ने खोजा नया टेस्ट: अब लार या खून से पता चलेगी आपकी उम्र और लाइफ स्पैन

भविष्य जानने की इच्छा शायद कभी न कभी आपके मन में भी आई होगी। भले ही आपने इसे खुलकर किसी से न कहा हो, लेकिन अंदर ही अंदर यह सवाल जरूर उठा होगा—आखिर मेरी उम्र कितनी बाकी है?

साइंस फिक्शन फिल्मों में आपने कई बार देखा होगा कि मशीनें इंसानों की बची हुई उम्र का अंदाजा लगाती हैं। लेकिन अगर आज आपसे कहा जाए कि यह हकीकत में भी संभव हो सकता है, तो क्या आप यकीन करेंगे?

यही अब हकीकत बनने की ओर है। अमेरिका और फ्रांस के वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि उन्होंने एक ऐसा गेम-चेंजिंग टेस्ट खोज लिया है, जो इंसानी जीवनकाल की भविष्यवाणी कर सकता है—मतलब, यह बता सकता है कि आपकी जिंदगी में कितने साल और बचे हैं।

इंट्रिन्सिक कैपेसिटी (IC) टेस्ट क्या है?
वैज्ञानिक इस टेस्ट में इंट्रिन्सिक कैपेसिटी (IC) को मापते हैं—यानी आपके शरीर और दिमाग की कुल क्षमताएं। इसमें चलना, सोचना, देखना, सुनना और याद रखना जैसी योग्यता का आकलन होता है। लंबे समय से IC को स्वस्थ और लंबी उम्र का भरोसेमंद संकेतक माना जाता रहा है।

पहले IC मापना महंगा और समय लेने वाला था। लेकिन अब शोधकर्ताओं ने इसे आसान बना दिया है—सिर्फ लार या रक्त के सैंपल से। यह टेस्ट डीएनए मिथाइलेशन पैटर्न को ट्रैक करता है—जो हमारे शरीर के “केमिकल टैग” होते हैं और जीन की गतिविधियों को नियंत्रित करते हैं। इन्हीं से किसी की जैविक उम्र का अनुमान लगाया जाता है।

10 साल का अध्ययन, चौंकाने वाले नतीजे
इस रिसर्च में 20 से 102 साल के 1,000 से ज्यादा लोगों को 10 साल तक ट्रैक किया गया। उच्च IC स्कोर वाले लोग औसतन 5.5 साल ज्यादा जिए, उनके फेफड़े मजबूत थे, हड्डियां स्वस्थ थीं, चलने की गति बेहतर थी और मानसिक स्वास्थ्य अच्छा था। कम IC स्कोर वालों में हृदय रोग, स्ट्रोक और असमय मृत्यु का खतरा ज्यादा पाया गया।

विशेषज्ञों की राय
शिकागो के रश इंस्टीट्यूट फॉर हेल्दी एजिंग के प्रोफेसर थॉमस हॉलैंड का कहना है- “रक्त या लार आधारित यह टेस्ट न सिर्फ उम्र का पता देता है, बल्कि यह भी बताता है कि आपकी उम्र कितनी अच्छी तरह बढ़ रही है और आगे आपको किन स्वास्थ्य जोखिमों से सावधान रहना चाहिए।”

आहार और उम्र का कनेक्शन
शोध में यह भी सामने आया कि फैटी फिश खाने वाले और चीनी का सेवन कम करने वाले लोगों का IC स्कोर अधिक था। फैटी फिश में मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड सूजन को कम करते हैं और तंत्रिकाओं की रक्षा करते हैं। वहीं, ज्यादा चीनी लेने से ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस, इंसुलिन रेजिस्टेंस और सूजन बढ़ती है।

लंबी उम्र के लिए सुझाव
– संतुलित और पौष्टिक आहार
– चीनी का सीमित सेवन
– नियमित शारीरिक व्यायाम

Asmita Sarkar

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