
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने ऑनलाइन शिक्षा से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब उच्च शिक्षा संस्थान NCAHP एक्ट 2021 के तहत आने वाले एलाइड और हेल्थकेयर प्रोग्राम को ऑनलाइन या ओडीएल मोड (Distance Learning) में ऑफर नहीं कर पाएंगे। इस संबंध में आयोग ने आधिकारिक नोटिस जारी कर दिया है।
क्या है नया नियम?
23 जुलाई 2025 को आयोजित यूजीसी की 593वीं बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में तय हुआ कि स्वास्थ्य सेवा और संबद्ध विषयों में विशेषज्ञता से जुड़े कोर्स अब ऑनलाइन उपलब्ध नहीं होंगे। दरअसल, अप्रैल 2025 में हुई कार्यसमूह की बैठक में इसकी सिफारिश की गई थी, जिसे अब मंजूरी दे दी गई है।
किन कोर्स पर लगेगी रोक?
अब जिन कोर्स को ऑनलाइन ऑफर नहीं किया जाएगा, उनमें शामिल हैं–
– फिजियोथैरेपी
– ऑप्टोमेट्री
– साइकोलॉजी (मनोविज्ञान)
– सूक्ष्म जीव विज्ञान (Microbiology)
– फूड एंड न्यूट्रिशन साइंस
– बायोटेक्नोलॉजी
– क्लिनिकल न्यूट्रिशन एवं डाइटेटिक्स
पहले कई संस्थानों को इन कोर्स को ऑनलाइन और ओडीएल मोड में संचालित करने की अनुमति थी, लेकिन अब यह मंजूरी वापस ले ली गई है।
किन कोर्स पर असर नहीं?
बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) और अन्य पारंपरिक विषयों जैसे अंग्रेजी, हिंदी, पंजाबी, अर्थशास्त्र, इतिहास, गणित, लोक प्रशासन, दर्शनशास्त्र, राजनीति विज्ञान, सांख्यिकी, मानवाधिकार, संस्कृत और समाजशास्त्र पर इस आदेश का कोई असर नहीं पड़ेगा।
कॉलेजों के लिए नए निर्देश
यूजीसी ने साफ कहा है कि यह नियम शैक्षणिक सत्र 2025-26 से लागू होगा। यानी कॉलेज और विश्वविद्यालय अब इन हेल्थकेयर प्रोग्राम्स में किसी भी नए छात्र को एडमिशन नहीं देंगे।




Add comment