
आज का समय पूरी तरह टेक्नोलॉजी पर आधारित है। हर देश आधुनिक तकनीक से खुद को सशक्त बनाना चाहता है और इस दौड़ में कोई भी पीछे नहीं रहना चाहता। ऐसे माहौल में साइबर सुरक्षा सबसे अहम जरूरत बन चुकी है। खास बात यह है कि अब छात्र भी इस क्षेत्र की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं। साइबर तकनीक से जुड़ा एक प्रमुख शब्द है एथिकल हैकिंग। बहुत से छात्र कम उम्र से ही एथिकल हैकर बनने का सपना देखने लगते हैं।
हैकिंग अपने आप में एक अलग दुनिया है। अगर आपको कंप्यूटर, नेटवर्क और साइबर सिक्योरिटी में रुचि है, तो यह क्षेत्र आपके लिए बेहद promising साबित हो सकता है। अब सवाल है—एथिकल हैकर कैसे बनें?
योग्यता
एथिकल हैकर बनने के लिए कंप्यूटर साइंस, आईटी या संबंधित क्षेत्र में मजबूत पकड़ होना जरूरी है। 12वीं (PCM या कॉमर्स + कंप्यूटर) के बाद आप BCA, B.Sc. (कंप्यूटर साइंस/आईटी), B.Tech (साइबर सिक्योरिटी/इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी) जैसे कोर्स कर सकते हैं। आगे चलकर M.Tech या M.Sc. (साइबर सिक्योरिटी/एथिकल हैकिंग) भी अच्छे विकल्प हैं।
साथ ही, कोडिंग और प्रोग्रामिंग का ज्ञान इस फील्ड में आपकी सफलता को कई गुना बढ़ा देता है। आजकल प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन की भी काफी डिमांड है, जो आपके करियर को और मजबूत कर सकता है।
कहां होते हैं कोर्स?
IIIT दिल्ली और IIIT हैदराबाद में साइबर सिक्योरिटी में बीटेक और एमटेक की पढ़ाई उपलब्ध है। कई अन्य संस्थानों में भी साइबर सिक्योरिटी, साइबर फॉरेंसिक और एथिकल हैकिंग से जुड़े कोर्स कराए जाते हैं। इग्नू (IGNOU) में साइबर सिक्योरिटी का डिप्लोमा कोर्स भी कराया जाता है।
क्यों है जरूरी?
एथिकल हैकिंग आज की डिजिटल दुनिया में बेहद अहम हो चुकी है। यह व्यक्तियों और संगठनों दोनों को अपने आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर को सुरक्षित रखने और सही तरीके से उपयोग करने में मदद करती है। इस क्षेत्र में करियर न केवल चुनौतीपूर्ण है बल्कि अवसरों से भरा भी है।




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