
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने रविवार को घोषणा की कि 26 अगस्त से मुख्यमंत्री नाश्ता योजना के विस्तार के बाद 20.59 लाख से अधिक स्कूली बच्चों को लाभ मिलेगा। अब यह योजना शहरी क्षेत्रों के सरकारी और सहायता प्राप्त प्राथमिक विद्यालयों में भी लागू की जा रही है।
26 अगस्त से मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री स्टालिन ने बताया कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान भी इस अवसर पर मौजूद रहेंगे। उन्होंने कहा, “जस्टिस पार्टी के दौर से लेकर द्रविड़ मॉडल सरकार तक, हमारा लक्ष्य बच्चों की भूख मिटाना और उन्हें शिक्षा से जोड़ना रहा है। यह केवल भोजन नहीं, बल्कि विकास की नींव है।”
पोषण योजनाओं की परंपरा
स्टालिन ने कहा कि तमिलनाडु ने हमेशा देश के लिए मिसाल कायम की है। उन्होंने याद दिलाया कि कैसे दिवंगत मुख्यमंत्री के. कामराज ने मध्याह्न भोजन योजना की शुरुआत की थी, जिसे बाद में एम. जी. रामचंद्रन (एमजीआर) ने पौष्टिक भोजन योजना में बदला। इसके बाद दिवंगत एम. करुणानिधि की सरकार ने इसमें अंडे को शामिल कर छात्रों के पोषण को और बेहतर बनाया।
2022 में हुई थी शुरुआत
तमिलनाडु सरकार ने नाश्ता योजना की शुरुआत 15 सितंबर 2022 को मदुरै के अधिमूलम कॉर्पोरेशन प्राइमरी स्कूल से की थी। उस दिन मुख्यमंत्री स्टालिन ने स्वयं बच्चों को नाश्ता परोसा था।
चरणबद्ध विस्तार से बढ़ा दायरा
छात्रों और अभिभावकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया के बाद इस योजना का विस्तार 25 अगस्त 2023 को नागपट्टिनम जिले के थिरुकुवलाई में किया गया, जिससे 18.5 लाख छात्रों को लाभ मिला। इसके बाद 15 जुलाई 2024 को इसे 3,995 सरकारी सहायता प्राप्त प्राथमिक विद्यालयों तक बढ़ाया गया, जिससे 2.23 लाख अतिरिक्त छात्र शामिल हो गए।
अब 26 अगस्त से योजना का तीसरा बड़ा चरण शुरू होगा, जिसके बाद कुल 20.59 लाख छात्र प्रतिदिन पौष्टिक नाश्ते का लाभ उठा सकेंगे।




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