
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) सितंबर 2025 में प्रिंसिपल, काउंसलर और वेलनेस टीचर्स के लिए ऑफलाइन पेरेंटिंग वर्कशॉप्स आयोजित करेगा। यह पहल सीबीएसई के पेरेंटिंग कैलेंडर 2025–26 के विस्तार का हिस्सा है। इन वर्कशॉप्स का उद्देश्य छात्रों की शैक्षणिक, सामाजिक और भावनात्मक जरूरतों को समझना और उनके समाधान के लिए व्यावहारिक रणनीतियां प्रदान करना है।
वर्कशॉप्स का मुख्य फोकस
सीबीएसई की इन वर्कशॉप्स में चार प्रमुख विषयों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा:
1. सकारात्मक पेरेंटिंग प्रैक्टिसेस (Positive Parenting) – बच्चों के सर्वांगीण विकास और मानसिक संतुलन के लिए प्रभावी पालन-पोषण की रणनीतियां।
2. डिजिटल वेल-बीइंग (Digital Well-being) – छात्रों को डिजिटल दुनिया का सुरक्षित और संतुलित उपयोग सिखाना।
3. रेजिलिएंस बिल्डिंग (Resilience Building) – बच्चों में चुनौतियों से जूझने और कठिन परिस्थितियों में स्थिर बने रहने की क्षमता विकसित करना।
4. स्कूल-परिवार सहयोग (School–Family Partnership) – शिक्षा, सामाजिक और भावनात्मक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए परिवार और स्कूल के बीच मजबूत साझेदारी बनाना।
सेशन का समय और पंजीकरण प्रक्रिया
– प्रत्येक वर्कशॉप सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक आयोजित होगी।
– पंजीकरण केवल CBSE की आधिकारिक सर्कुलर में दिए गए लिंक के माध्यम से ही किया जा सकेगा।
– रजिस्ट्रेशन फर्स्ट-कम, फर्स्ट-सर्व्ड बेसिस पर होगा।
– चयनित प्रतिभागियों को ईमेल के जरिए पुष्टि पत्र भेजा जाएगा।
– प्रतिभागियों को वर्कशॉप स्थल पर सुबह 9:30 बजे तक रिपोर्ट करना होगा।




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