
आईआईटी परिषद ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के बढ़ते उपयोग को देखते हुए पाठ्यक्रम और शिक्षण पद्धति को समयानुकूल बनाने के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने हेतु टास्क फोर्स गठित करने का निर्णय लिया है। यह फैसला सोमवार को करीब दो साल बाद आयोजित आईआईटी परिषद की बैठक में लिया गया।
आईआईटी परिषद देश के 23 प्रमुख इंजीनियरिंग संस्थानों की सर्वोच्च समन्वय इकाई है। इसकी पिछली बैठक अप्रैल 2023 में हुई थी। बैठक में उच्च शिक्षा संस्थानों में अनुसंधान के व्यावसायीकरण, गुणवत्ता और वैश्विक प्रासंगिकता बढ़ाने के साथ-साथ पीएचडी शिक्षा में सुधार, वैश्विक रैंकिंग को बेहतर बनाने और शीर्ष प्रतिभाओं को आकर्षित करने जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई।
परिषद ने एआई के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए पाठ्यक्रम और शिक्षण पद्धतियों को वास्तविक समय पर अनुकूलित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। एक अधिकारी के अनुसार, इस दिशा में टास्क फोर्स गठित करने के साथ ही आईआईटी के सामाजिक-आर्थिक और वैश्विक प्रभाव को भी स्वीकार किया गया।
बैठक के दौरान मार्गदर्शन, उद्योग से संबंध और छात्र विकास के लिए पूर्व छात्र नेटवर्क का अधिकतम उपयोग करने पर जोर दिया गया। साथ ही विभिन्न आईआईटी संस्थानों में अपनाए गए सफल मॉडलों को साझा किया गया। परिषद ने कैंपस में स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने और छात्रों व स्टाफ के लिए वार्षिक स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था करने का भी सुझाव दिया।




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