
लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) ने अपने कैंपस में अमेरिकी सॉफ्ट ड्रिंक पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। यह घोषणा LPU के संस्थापक-कुलपति और आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद डॉ. अशोक कुमार मित्तल ने की। इसी के साथ उन्होंने देशव्यापी ‘स्वदेशी 2.0 आंदोलन’ की शुरुआत की भी घोषणा की।
अमेरिका के टैरिफ निर्णय के खिलाफ कदम
यह फैसला अमेरिका द्वारा भारतीय निर्यात पर शुल्क दोगुना करने के बाद लिया गया। अब भारत को 27 अगस्त से अमेरिकी वस्तुओं पर 50% टैरिफ का सामना करना होगा। पहले से लागू 25% शुल्क के साथ अतिरिक्त 25% पेनल्टी टैरिफ जोड़ा गया है।
डॉ. मित्तल ने इसे अमेरिका का ‘पाखंड और धौंस’ करार दिया और कहा कि भारत को ऐसे अनुचित दबावों के आगे नहीं झुकना चाहिए।
“भारत झुकेगा नहीं”
27 अगस्त को गणेश चतुर्थी के अवसर पर राजघाट पर पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित कार्यक्रम में डॉ. मित्तल ने कहा—
“अमेरिकी सॉफ्ट ड्रिंक पर बैन के जरिए हम दुनिया को साफ संदेश देना चाहते हैं— भारत झुकेगा नहीं।”
स्वदेशी आंदोलन की याद
डॉ. मित्तल ने बाल गंगाधर तिलक, लाला लाजपत राय, बिपिन चंद्र पाल और अरबिंदो घोष को याद करते हुए कहा कि 1905 के स्वदेशी आंदोलन की भावना को फिर से जीवित करने का समय आ गया है। उन्होंने अमेरिका पर आरोप लगाया कि वह भारत की ताकत और संकल्प को कम आंक रहा है।
बड़ा असर संभव
डॉ. मित्तल का कहना है कि अगर यह प्रतीकात्मक पहल देशव्यापी आंदोलन का रूप लेती है, तो अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर व्यापक असर पड़ेगा। फिलहाल, भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में तनाव और बढ़ गया है क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने भारतीय निर्यात पर 50% टैरिफ आधिकारिक रूप से लागू कर दिया है, जिससे भारतीय उद्योगों को भारी नुकसान होने की आशंका है।




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