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एलन मस्क की भविष्यवाणी: 2026 तक इंसानों से ज्यादा समझदार होगा AI

टेक जगत में अक्सर यह बहस छिड़ी रहती है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) भविष्य में ‘मसीहा’ बनेगा या ‘दानव’। कोई इसे मानवता के लिए खतरा मानता है, तो कोई इसे एक उपयोगी टूल बताता है। इसी चर्चा में अब xAi के फाउंडर एलन मस्क का बयान फिर सुर्खियों में है।

एलन मस्क ने एक पॉडकास्ट में दावा किया कि 2026 तक AI इंसान से ज्यादा बुद्धिमान हो जाएगा और 2030 तक यह पूरी मानवता से आगे निकल सकता है। मस्क का कहना है कि AI का विकास बेहद तेजी से हो रहा है और हमें इसके लिए अभी से तैयार रहना चाहिए।

पहले भी कर चुके हैं ऐसा दावा
यह पहली बार नहीं है जब मस्क ने ऐसी भविष्यवाणी की हो। 2020 में भी उन्होंने कहा था कि 2025 तक AI इंसानों से ज्यादा स्मार्ट हो सकता है। हालांकि, उनकी टाइमलाइन कई एक्सपर्ट्स की तुलना में काफी आगे की है।

एक्सपर्ट्स की स्टडी और अनुमान
MIT की 2017 स्टडी: 45 साल में 50% संभावना है कि AI इंसानों जितना स्मार्ट हो जाएगा, जबकि 9 साल में इसके 10% चांस बताए गए थे।
2016 का सर्वे (550 AI एक्सपर्ट्स): यही निष्कर्ष सामने आया था कि भविष्य में AI मानव जैसी समझ हासिल कर लेगा।
2023 का सर्वे (2,778 AI रिसर्चर्स): 50% संभावना जताई गई कि 2047 तक AI इंसानी स्तर की स्मार्टनेस तक पहुंच जाएगा।

मस्क के दावे से बढ़ी चिंताएं
एलन मस्क की भविष्यवाणी ने कई तरह के सवाल खड़े कर दिए हैं:
1. नौकरियों पर खतरा: जैसे-जैसे AI इंसानों जितना स्मार्ट होगा, रोजगार की अनिश्चितता बढ़ेगी।
2. पावर का असंतुलन: पावरफुल AI टूल्स कुछ कंपनियों या सरकारों के नियंत्रण में होने से वैश्विक असमानता बढ़ सकती है।
3. कंट्रोल का संकट: अगर AI को नियंत्रित नहीं किया गया, तो यह गलत और खतरनाक फैसले ले सकता है।

सिंथेटिक इंटेलिजेंस: अगली बड़ी चुनौती
AI के भविष्य पर चर्चा के बीच एक और तकनीक सिंथेटिक इंटेलिजेंस (SI) की आहट भी सुनाई देने लगी है। यह AI से भी अधिक एडवांस मानी जा रही है। SI केवल डेटा के आधार पर फैसले नहीं लेगी, बल्कि इंसानों जैसी समझ और पैटर्न पहचानने की क्षमता रखेगी। फिलहाल इस पर चर्चा कम है, लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि इसके आने से इंसानों के सामने और बड़ी चुनौतियां खड़ी होंगी।

Asmita Sarkar

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