
नगालैंड सरकार ने पूर्वी जिलों में शिक्षकों की भारी कमी और ENSF (Eastern Nagaland Students Federation) के आंदोलन को देखते हुए अहम कदम उठाया है। सरकार ने हाल ही में रेशनलाइजेशन पॉलिसी के तहत ट्रांसफर किए गए 33 शिक्षकों को वापस लाने का निर्णय लिया है। इस फैसले से हजारों छात्रों की पढ़ाई बाधित होने का संकट टलने की उम्मीद है।
आंदोलन की पृष्ठभूमि
सोमवार को ENSF ने आंदोलन शुरू करते हुए मों, तुएनसांग, किफिरे, लोंगलेनग, नोकलाक और शामाटोर जिलों के सरकारी स्कूलों व दफ्तरों को बंद रखने का आह्वान किया था। संगठन का आरोप था कि रेशनलाइजेशन पॉलिसी के कारण कई स्कूलों में हिंदी, गणित और विज्ञान जैसे विषयों के शिक्षक नहीं बचे, जिससे शिक्षा व्यवस्था चरमरा गई।
सरकार का हस्तक्षेप
मुख्यमंत्री नेफियू रियो की अध्यक्षता में बुधवार को आपात बैठक बुलाई गई, जिसमें पूर्वी जिलों के विधायक, मंत्री और शिक्षा विभाग के अधिकारी शामिल हुए। बैठक में बताया गया कि इन जिलों में वर्तमान में 606 सरकारी स्कूल, 45,174 छात्र और 4,733 शिक्षक हैं, और छात्र-शिक्षक अनुपात 10:1 है।
बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय
– 33 शिक्षकों की मूल जिलों में वापसी होगी।
– अन्य जिलों में तैनात हिंदी, गणित और विज्ञान के शिक्षकों को पूर्वी जिलों में लाया जाएगा।
– गणित व विज्ञान विषय के नए भर्ती शिक्षक सीधे पूर्वी जिलों में पोस्ट किए जाएंगे।
– खाली पदों को जरूरत के मुताबिक विषय-विशेष पदों में बदला जाएगा।
– स्थानीय समुदायों की मदद से अस्थायी शिक्षक नियुक्त करने पर भी विचार होगा।
आंदोलन पर विराम
सरकार की पहल के बाद ENSF ने आंदोलन तुरंत प्रभाव से स्थगित करने की घोषणा की है। साथ ही संगठन ने शिक्षा विभाग के साथ 20 सितंबर को प्रस्तावित चर्चा में भाग लेने पर सहमति जताई है।




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