
आईआईटी खड़गपुर ने छात्रों की मानसिक स्थिति और तनाव को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा कदम उठाया है। संस्थान ने 10 नए काउंसलर्स की नियुक्ति की है, जो कैंपस में घूम-घूमकर छात्रों और शोधार्थियों से बातचीत करेंगे। इनका उद्देश्य है यह समझना कि कहीं कोई छात्र मानसिक दबाव या तनाव से जूझ तो नहीं रहा।
संस्थान के निदेशक सुमन चक्रवर्ती ने बताया कि मौजूदा काउंसलर्स के साथ अब 10 और पेशेवर जोड़े गए हैं। ये काउंसलर छात्रों से अनौपचारिक और दोस्ताना माहौल में मिलेंगे तथा उनकी समस्याओं को सुनकर समाधान खोजने में मदद करेंगे।
यह पहल ऐसे समय में की गई है जब 20 सितंबर को मैकेनिकल इंजीनियरिंग में पीएचडी कर रहे शोधार्थी हर्षकुमार पांडे (27) का शव उनके हॉस्टल रूम में फंदे से लटका मिला था। इस साल यह संस्थान में संदिग्ध आत्महत्या का पांचवां मामला है।
मोबाइल काउंसलर पहल
आईआईटी खड़गपुर के अनुसार, कई छात्र अपनी परेशानी खुलकर साझा नहीं कर पाते। इसी वजह से मोबाइल काउंसलर्स हॉस्टल, खेल क्लब और अन्य जगहों पर जाकर छात्रों से बातचीत करेंगे। सहज माहौल में की गई इस बातचीत से पता लगाया जाएगा कि कौन छात्र तनाव में है, ताकि समय रहते मदद पहुंचाई जा सके।
हाल ही में संस्थान ने विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस भी मनाया था। इस दौरान संदेश दिया गया कि कैंपस का कोई भी छात्र अपनी जंग अकेले नहीं लड़ रहा। इसके अलावा, हर छात्र के कमरे पर एक बारकोड लगाया गया है, जिसे स्कैन कर 24×7 काउंसलिंग हेल्पलाइन का नंबर तुरंत मिल सकता है।
निदेशक ने कहा कि ओवरथिंकिंग और करियर से जुड़ी चिंताएं छात्रों को मानसिक दबाव में डाल देती हैं। ऐसे में यह नई पहल उन्हें राहत देने और आत्मविश्वास बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगी।




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