
दिल्ली उच्च न्यायालय ने एनएचएआई की 11 अगस्त 2024 की अधिसूचना को रद्द कर दिया है, जिसमें वकीलों की भर्ती के लिए CLAT-PG अंकों को आधार बनाया गया था।
मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला की पीठ ने बुधवार को यह आदेश सुनाया। अदालत ने कहा कि CLAT-PG का उद्देश्य केवल एलएलएम प्रवेश के लिए योग्यता का आकलन करना है, न कि सरकारी नौकरियों के लिए।
याचिकाकर्ता अधिवक्ता शन्नू बहगेल ने तर्क दिया था कि यह अधिसूचना “मनमानी और अनुचित” है, क्योंकि इससे केवल CLAT 2022 और उसके बाद परीक्षा देने वाले उम्मीदवार ही पात्र होते, जबकि अन्य योग्य विधि स्नातक और अधिवक्ता बाहर हो जाते।
पीठ ने भी माना कि भर्ती के उद्देश्य और चयन के आधार के बीच कोई तार्किक संबंध नहीं है। दूसरी ओर, एनएचएआई के वकील का कहना था कि CLAT स्कोर उम्मीदवार की कानूनी समझ का आकलन करने का उपयुक्त तरीका है और अनुभव को भी महत्व दिया गया था।
हालांकि, अदालत ने याचिकाकर्ता की दलीलें स्वीकार करते हुए अधिसूचना को निरस्त कर दिया। विस्तृत निर्णय बाद में जारी किया जाएगा।




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