
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से आईआईटी जम्मू के चरण-बी विस्तार की आधारशिला रखी। वर्ष 2016 में स्थापित तीसरी पीढ़ी के आईआईटी में से एक, यह संस्थान अब नवाचार और स्टार्टअप का उभरता केंद्र माना जा रहा है।
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने समारोह में कहा कि चरण-ए का निर्माण पहले ही पूरा हो चुका है, जिसमें शैक्षणिक ब्लॉक, व्याख्यान कक्ष, छात्रावास और भोजनालय शामिल हैं। अब 1,398 करोड़ रुपये की लागत से चरण-बी में नए शैक्षणिक और आवासीय भवन, अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं और उत्तर भारत का पहला अनुसंधान पार्क बनाया जाएगा। यह अनुसंधान पार्क उद्योग-अकादमिक सहयोग को बढ़ावा देगा और स्टार्टअप्स के लिए अवसर खोलेगा।
आईआईटी जम्मू ने 2025 एनआईआरएफ इंजीनियरिंग रैंकिंग में 56वां स्थान हासिल किया है। सिंह ने बताया कि यह संस्थान एम्स, आईआईएम जम्मू और जम्मू केंद्रीय विश्वविद्यालय जैसे संस्थानों के निकट स्थित होने के कारण अंतःविषय शोध और सहयोगी परियोजनाओं में विशेष लाभ की स्थिति में है।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने तिरुपति, भिलाई, धारवाड़, जम्मू और पलक्कड़ स्थित पांच नए आईआईटी के विस्तार के लिए कुल 11,828 करोड़ रुपये के निवेश को मंजूरी दी है। इस कदम से अगले चार वर्षों में इन संस्थानों में लगभग 12,000 अतिरिक्त छात्रों को समायोजित करने की क्षमता विकसित होगी।




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