
शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली (Immune System) हमारे स्वास्थ्य की ढाल है, लेकिन जब यही प्रणाली नियंत्रण से बाहर हो जाती है, तो यह हमारे ही अंगों पर हमला कर सकती है। इस जटिल प्रक्रिया को समझने में अभूतपूर्व योगदान देने के लिए मैरी ई. ब्रुनको, फ्रेड राम्सडेल और शिमोन साकागुची को 2025 का फिजियोलॉजी या मेडिसिन का नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया है।
इन वैज्ञानिकों की खोजों ने यह स्पष्ट किया कि प्रतिरक्षा प्रणाली को कैसे नियंत्रित किया जा सकता है ताकि वह शरीर की रक्षा करते हुए स्वयं को नुकसान न पहुंचाए। इस शोध ने चिकित्सा जगत में नई दिशा दी है, जिससे कैंसर और ऑटोइम्यून रोगों (जैसे टाइप-1 डायबिटीज, रूमेटाइड आर्थराइटिस आदि) के उपचार को और अधिक प्रभावी बनाने की उम्मीद बढ़ी है।
गौरतलब है कि पिछले वर्ष (2024) यह पुरस्कार अमेरिकी वैज्ञानिक विक्टर एम्ब्रोस और गैरी रुवकुन को सूक्ष्म आरएनए (micro RNA) की खोज के लिए दिया गया था — एक ऐसी खोज जिसने जीन अभिव्यक्ति और रोगों के उपचार के नए द्वार खोले।
अब तक 1901 से 2024 के बीच फिजियोलॉजी या मेडिसिन के क्षेत्र में 115 बार यह सम्मान 229 वैज्ञानिकों को दिया जा चुका है, और 2025 का यह पुरस्कार चिकित्सा विज्ञान में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में दर्ज हुआ है।




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