
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित फेसियल रिकग्निशन तकनीक अब ऐसे व्यक्ति की पहचान करने में सक्षम है, जिसकी CCTV छवि विकृत या अस्पष्ट हो। यही नहीं, मशीन लर्निंग के ज़रिए व्यक्ति की हस्तलिपि और आवाज़ को भी पहचाना जा सकता है।
इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन फॉरेंसिक साइंस 2025 (ICFS 2025) एक बहुविषयक मंच है जो फॉरेंसिक साइंस में अनुसंधान और विकास को समर्पित है। यह सम्मेलन छात्रों, शोधकर्ताओं, विद्वानों और विशेषज्ञों को एक साथ आने, अपने अनुभव साझा करने और इस क्षेत्र में नवीनतम प्रगति पर चर्चा करने के लिए आमंत्रित करता है।
साल 2025 में फॉरेंसिक साइंस अत्याधुनिक तकनीकों जैसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), नेक्स्ट-जनरेशन डीएनए सीक्वेंसिंग (NGS) और डिजिटल फॉरेंसिक तकनीक के जरिए पूरी तरह बदल चुका है। AI तकनीक जांचकर्ताओं को विशाल डेटा सेट्स को तेज़ी से स्कैन करने, उनमें मौजूद विसंगतियों और पैटर्न को पहचानने में सक्षम बनाती है—ऐसे पैटर्न जिन्हें पहचानने में एक मानव जांचकर्ता को महीनों लग सकते हैं।
इस सम्मेलन का उद्देश्य फॉरेंसिक तकनीक में नवीनतम प्रगति को सामने लाना, भविष्य की प्रवृत्तियों और चुनौतियों को पहचानना और उन तकनीकी नवाचारों पर चर्चा करना है जो अपराध जांच को नया आयाम दे रहे हैं।
इसमें फॉरेंसिक साइंस, डिजिटल फॉरेंसिक्स, फॉरेंसिक मेडिसिन, अपराध विज्ञान (क्रिमिनोलॉजी), साइबर सुरक्षा, कानून प्रवर्तन और मनोविज्ञान से जुड़े विशेषज्ञ अपराध की जांच और रोकथाम पर चर्चा करेंगे।
ICFS 2025 में वकील, विधि निर्माता, डेटा विश्लेषक, समाजशास्त्री और फॉरेंसिक विशेषज्ञ भी शामिल होंगे ताकि न्याय प्रणाली और जन सुरक्षा को मज़बूत बनाने में सहयोग दिया जा सके। ज्ञान और अनुभव के आदान-प्रदान के लिए सम्मेलन में कीनोट व्याख्यान, शोध-पत्र प्रस्तुतिकरण और पैनल चर्चाएँ आयोजित की जाएंगी।
फॉरेंसिक प्रैक्टिस में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए सम्मेलन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डीएनए फॉरेंसिक्स और डेटा साइंस जैसी नवीनतम तकनीकों के अपराध जांच में उपयोग पर विशेष सत्र होंगे। इसमें न्याय प्रणाली में फॉरेंसिक साइंस के अनुप्रयोग, क्राइम सीन एनालिसिस और डिजिटल साक्ष्यों के प्रबंधन जैसे विषयों पर विशेषज्ञ व्याख्यान दिए जाएंगे।
अंततः, ICFS 2025 का लक्ष्य अनुसंधान और व्यावहारिक क्रियान्वयन के बीच की दूरी को पाटना है—ताकि फॉरेंसिक जांच को गुणवत्ता और तकनीक आधारित समाधान के साथ एक नई दिशा दी जा सके।




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