
भारत में इंटर्नशिप का परिदृश्य तेजी से बदल रहा है। अब छात्र केवल डिग्री पर नहीं, बल्कि वास्तविक कौशल (स्किल्स) पर ध्यान दे रहे हैं। यही कारण है कि देशभर में इंटर्नशिप की मांग लगातार बढ़ रही है। इंडिया स्किल्स रिपोर्ट 2025 के अनुसार, सर्वे में शामिल 93% से अधिक छात्रों ने कहा कि वे अपनी पहली फुल-टाइम नौकरी से पहले इंटर्नशिप करना चाहते हैं।
यह आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि युवा अब कार्यस्थल के लिए खुद को तैयार करने को लेकर पहले से कहीं अधिक गंभीर हैं। दो दशक पहले की तुलना में आज छात्र न सिर्फ इंडस्ट्री एक्सपीरियंस को महत्व दे रहे हैं, बल्कि सही कौशल विकसित करने के प्रति भी अधिक जागरूक हैं।
कौन सा राज्य सबसे आगे?
इंटर्नशिप की डिमांड के मामले में तमिलनाडु शीर्ष पर है, जहां 97.46% छात्र इंटर्नशिप में रुचि रखते हैं। इसके बाद उत्तर प्रदेश (97.39%), केरल (96.05%) और कर्नाटक (94.64%) का स्थान आता है। इन राज्यों में इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट जैसी प्रोफेशनल पढ़ाई अधिक होती है, जहां प्रैक्टिकल नॉलेज अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।
बदलता रोजगार मॉडल
भर्ती करने वाली कंपनियों (Recruiters) के लिए यह संकेत है कि नई पीढ़ी अब सिर्फ नौकरी नहीं, बल्कि सीखने के अवसर चाहती है। इसी वजह से अब ‘इंटर्नशिप-टू-हायर’ (Internship-to-Hire) मॉडल लोकप्रिय हो रहा है, जिसमें कंपनियां इंटर्नशिप के दौरान ही योग्य उम्मीदवारों की पहचान कर उन्हें नौकरी देती हैं।
सैलरी उम्मीदें और प्राथमिकताएं
रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 43% छात्र सालाना 26 से 35 लाख रुपये के बीच शुरुआती सैलरी पैकेज की उम्मीद कर रहे हैं। हालांकि, युवाओं के लिए अब सिर्फ वेतन ही सबकुछ नहीं है। वे मेंटॉरशिप, स्किल डेवेलपमेंट और वर्क कल्चर जैसे पहलुओं को भी उतनी ही अहमियत दे रहे हैं। मजबूत इंटर्नशिप प्रोग्राम इन्हीं जरूरतों को पूरा करने में मदद करते हैं। अब इंटर्नशिप सिर्फ रिज्यूमे में जोड़ने का माध्यम नहीं, बल्कि नौकरी तक पहुंचने का पहला और सबसे जरूरी कदम बन चुकी है।
कहां खोजें बेहतरीन इंटर्नशिप?
एक सफल करियर के लिए अनुभव सबसे अहम पूंजी है। पढ़ाई पूरी करने के बाद अच्छी कंपनियों में इंटर्नशिप करने से न केवल व्यावहारिक ज्ञान बढ़ता है, बल्कि भविष्य के लिए मजबूत नींव भी तैयार होती है।
आप बेहतरीन इंटर्नशिप अवसर Naukri.com, LinkedIn, Internshala, Indeed और Glassdoor जैसे प्लेटफॉर्म पर खोज सकते हैं।
कहने का तात्पर्य कि भारत में इंटर्नशिप अब विकल्प नहीं, बल्कि करियर की दिशा तय करने का आवश्यक चरण बन चुकी है। स्किल्स, नेटवर्किंग और प्रैक्टिकल एक्सपीरियंस के बिना अब सफलता की सीढ़ी चढ़ना मुश्किल है।




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