
भारत और रूस ने शिक्षा, विज्ञान और संस्कृति के क्षेत्र में अपने सहयोग को नई दिशा देने के लिए एक अहम समझौता किया है। यह समझौता भारत के नालंदा विश्वविद्यालय और रूस के कलमीक स्टेट यूनिवर्सिटी, एलिस्टा (जिसका नाम बी. बी. गोरोडोविकोव के नाम पर रखा गया है) के बीच संपन्न हुआ है।
भारतीय संस्कृति मंत्रालय के अनुसार, इस समझौते के तहत दोनों देशों के बीच छात्रों और शिक्षकों का आदान-प्रदान, संयुक्त अनुसंधान परियोजनाएं और साझा शैक्षणिक कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे। इससे शिक्षा, विज्ञान और संस्कृति के क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंध और सुदृढ़ होंगे तथा भविष्य में सहयोग के लिए एक मजबूत संस्थागत ढांचा तैयार होगा।
वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ समझौता
एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि यह साझेदारी भारत और रूस के छात्रों व विद्वानों के लिए नए अवसर और क्षितिज खोलेगी। दोनों पक्षों ने विश्वास जताया कि यह सहयोग शिक्षा, संस्कृति और मानविकी के क्षेत्र में द्विपक्षीय संबंधों को एक नए स्तर पर ले जाएगा।
यह समझौता रूस के काल्मिक स्टेट यूनिवर्सिटी परिसर में आयोजित समारोह के दौरान हुआ, जिसमें दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। प्रमुख उपस्थितियों में रूसी संघ में भारतीय दूतावास के पूर्णाधिकारी मंत्री निखिलेश चंद्र गिरि, भारतीय दूतावास में शिक्षा मंत्री विनय कुमार, और नालंदा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सचिन चतुर्वेदी (जो वीडियो लिंक के माध्यम से शामिल हुए) शामिल थे।
काल्मिकिया में शिक्षा और संस्कृति पर विशेष बल
इस अवसर पर काल्मिकिया क्षेत्रीय सरकार के उपाध्यक्ष अलेक्सी एतेयेव और विश्वविद्यालय के रेक्टर बदमा सालायेव भी मौजूद थे। सालायेव ने कहा कि भारतीय राजनयिकों और शैक्षणिक प्रतिनिधियों की यह यात्रा “शैक्षणिक और सांस्कृतिक सहयोग को गहरा करने में एक नया अध्याय” साबित होगी। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि काल्मिकिया में हाल ही में भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों की प्रदर्शनी आयोजित की गई थी, जिसका प्रतीकात्मक महत्व भारत और रूस के बीच अंतरधार्मिक व अंतरसांस्कृतिक संवाद को और प्रगाढ़ बनाएगा।
53 देशों के छात्रों को शिक्षा दे रही है कलमीक स्टेट यूनिवर्सिटी
अधिकारियों के अनुसार, ये पवित्र अवशेष पहले दिल्ली के राष्ट्रीय संग्रहालय में रखे गए थे और एलिस्टा (रूस) में प्रदर्शनी के बाद अब भारत वापस लौट आए हैं।
बयान में बताया गया कि कलमीक स्टेट यूनिवर्सिटी वर्तमान में 23 देशों के विश्वविद्यालयों के साथ सक्रिय रूप से सहयोग कर रही है और 53 देशों के लगभग 1,500 अंतरराष्ट्रीय छात्रों को शिक्षा प्रदान कर रही है, जिनमें 50 भारतीय विद्यार्थी भी शामिल हैं। सालायेव ने कहा कि विश्वविद्यालय के लिए शिक्षा, अनुसंधान और सांस्कृतिक आदान-प्रदान में अंतरराष्ट्रीय सहयोग सर्वोच्च प्राथमिकता है।




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