
असम की तेजपुर यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (TUTA) ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर वित्तीय अनियमितताओं और स्थानीय भाषा की उपेक्षा के गंभीर आरोप लगाए हैं। एसोसिएशन का दावा है कि पिछले दो वित्तीय वर्षों (2024–25 और 2025–26) में विश्वविद्यालय ने एक भी असमिया पुस्तक नहीं खरीदी, जबकि इसके लिए राशि स्वीकृत थी।
दिल्ली के चुनिंदा प्रकाशकों को फायदा पहुंचाने का आरोप
टीयूटीए ने कहा कि कुलपति प्रो. शंभू नाथ सिंह ने केवल कुछ सीमित दिल्ली-स्थित प्रकाशकों से ही किताबें खरीदने की अनुमति दी, जिससे संपूर्ण प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी रही। संगठन ने इसे “सार्वजनिक निधियों के दुरुपयोग और पक्षपात” का मामला बताते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
6.5 करोड़ की ग्रांट में 4.56 करोड़ खर्च सिर्फ पुस्तकों पर
यूजीसी से विश्वविद्यालय को पूंजीगत परिसंपत्तियों (Capital Assets) के लिए 6.5 करोड़ रुपये का आवंटन मिला था। इसमें से 5.72 करोड़ किताबों और जर्नल्स की खरीद के लिए स्वीकृत किए गए, जिनमें से 4.56 करोड़ रुपये खर्च भी कर दिए गए। इसके बावजूद असमिया विभाग के लिए स्वीकृत 2.91 लाख रुपये से 146 पुस्तकों की खरीद नहीं की गई।
“स्थानीय भाषा की उपेक्षा विश्वविद्यालय की नीयत पर सवाल”
टीयूटीए ने कहा, “लगातार दो वर्षों तक असमिया भाषा की एक भी किताब न खरीदना, विश्वविद्यालय प्रशासन की प्राथमिकताओं और संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल उठाता है।”
एसोसिएशन के मुताबिक, अधिकतर भुगतान उन दिल्ली-स्थित प्रकाशकों को गया जो असमिया पुस्तकों की आपूर्ति नहीं करते।
कुलपति पर हितों के टकराव और सीमित सप्लायर नीति का आरोप
टीयूटीए ने कुलपति पर आरोप लगाया कि उन्होंने विक्रेताओं के चयन को व्यक्तिगत रूप से प्रभावित किया और कई पंजीकृत व योग्य सप्लायरों को दरकिनार कर दिया।
संगठन ने इसे “जानबूझकर की गई सीमित सप्लायर नीति” बताते हुए कहा कि यह न केवल हितों के टकराव और पक्षपात का उदाहरण है, बल्कि सार्वजनिक धन के संभावित दुरुपयोग की ओर भी इशारा करता है।
“सांस्कृतिक उपेक्षा” का प्रतीक
टीयूटीए ने इसे “सांस्कृतिक और भाषाई उपेक्षा” करार देते हुए कहा कि असम के एक केंद्रीय विश्वविद्यालय में असमिया पुस्तकों की अनुपस्थिति, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और समावेशन की भावना को कमजोर करती है।
विरोध और तनाव का माहौल
सितंबर मध्य से कैंपस में विरोध प्रदर्शन जारी है। छात्रों ने कुलपति पर गायक जुबिन गर्ग के निधन पर असंवेदनशीलता दिखाने का आरोप लगाया था।
22 सितंबर को छात्रों और कुलपति के बीच तीखी बहस के बाद स्थिति इतनी बिगड़ी कि कुलपति को परिसर छोड़ना पड़ा।
इसके बाद टीयूटीए, गैर-शैक्षणिक कर्मचारी और छात्र संगठनों ने मिलकर संयुक्त आंदोलन शुरू किया।
पर्यावरणीय नुकसान के आरोप भी सामने आए
हाल ही में टीयूटीए और छात्रों ने कथित वनों की कटाई और पर्यावरणीय क्षति के खिलाफ रैली निकाली। आरोप है कि प्रशासन ने “सौंदर्यीकरण” के नाम पर पीले बांस सहित कई पेड़ों की कटाई करवाई और अत्यधिक घास लगाने का आदेश दिया, जिससे पर्यावरणीय असंतुलन की स्थिति बनी है।
कुलपति का जवाब: “तथ्यों को गलत ढंग से पेश किया गया”
आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रो. शंभू नाथ सिंह ने कहा, “कुछ लोगों ने शायद अनजाने में तथ्यों को गलत प्रस्तुत किया है। मैं सभी हितधारकों के साथ संवाद के लिए पूरी तरह तैयार हूं — संवाद ही समाधान का सबसे अच्छा रास्ता है।”
असम के इस केंद्रीय विश्वविद्यालय में उठे ये आरोप न केवल वित्तीय पारदर्शिता पर सवाल खड़े करते हैं, बल्कि स्थानीय भाषा और सांस्कृतिक पहचान की उपेक्षा के गहरे संकट को भी उजागर करते हैं। विश्वविद्यालय समुदाय अब स्वतंत्र जांच और जवाबदेही की मांग पर अडिग है।
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Scam at Tezpur University: Delhi publishers benefited in book purchases worth crores
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सरस्वती ग्रुप ऑफ कॉलेज: मेडिकल एजुकेशन का एक प्रतिष्ठित नाम
सरस्वती ग्रुप ऑफ कॉलेजे (SGC), मोहाली, पंजाब उत्तर भारत का एक प्रतिष्ठित बहुविषयक मेडिकल संस्थान है, जो आयुर्वेद, नर्सिंग, फार्मेसी और पैरामेडिकल साइंसेज़ में प्रोफेशनल एजुकेशन प्रदान करता है। वर्ष 2004 में सरस्वती प्रोफेशनल एंड हायर एजुकेशन सोसाइटी द्वारा स्थापित यह संस्थान स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में शैक्षणिक उत्कृष्टता, व्यावहारिक कौशल और समग्र विकास को प्रोत्साहित करने के लिए समर्पित है।
इतिहास और स्थापना
2004 में स्थापित SGC मोहाली ने वर्षों में खुद को एक अग्रणी मल्टी-डिसिप्लिनरी इंस्टीट्यूशन के रूप में विकसित किया है। कॉलेज का उद्देश्य उच्चस्तरीय शैक्षणिक कार्यक्रमों और उद्योग से मजबूत संबंधों के माध्यम से वैश्विक स्तर पर सक्षम स्वास्थ्यकर्मी तैयार करना है।
रैंकिंग और उपलब्धियां
हालांकि राष्ट्रीय स्तर पर इसकी सटीक रैंकिंग सार्वजनिक रूप से प्रकाशित नहीं है, लेकिन कॉलेज की साख उसके अनुभवी फैकल्टी, 15 से अधिक अंतरराष्ट्रीय संस्थानों से सहयोग और मजबूत शोध प्रकाशनों से साबित होती है।
संस्थान को NCTE, INC, PCI, AICTE जैसी मान्यता प्राप्त नियामक संस्थाओं से अनुमोदन प्राप्त है, और यह गुरु रविदास आयुर्वेद यूनिवर्सिटी तथा बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज से संबद्ध है।
कोर्सेस और प्रोग्राम्स
SGC में 22 से अधिक पाठ्यक्रम संचालित हैं — स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा और सर्टिफिकेट स्तर पर। प्रमुख कोर्सेस में शामिल हैं:
– BAMS (आयुर्वेद)
– B.Sc नर्सिंग (रेगुलर और पोस्ट बेसिक)
– GNM (जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी)
– ANM (ऑक्सिलियरी नर्सिंग एंड मिडवाइफरी)
– B.Pharm और D.Pharm (फार्मेसी)
– BPT (फिजियोथेरेपी)
– B.Sc इन फॉरेंसिक साइंस, डायलेसिस टेक्नोलॉजी, मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी, रेडियोलॉजी एंड इमेजिंग, ऑप्टोमेट्री, न्यूट्रिशन एंड डाइटेटिक्स, बायोटेक्नोलॉजी
– M.Sc इन नर्सिंग, मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी, रेडियोलॉजी, फार्मास्युटिकल साइंसेज़, बायोकैमिस्ट्री
– डिप्लोमा कोर्सेज इन एलिमेंट्री टीचर ट्रेनिंग, आयुर्वेद, और फार्मेसी
फैकल्टी और इंफ्रास्ट्रक्चर
SGC में 15 से अधिक पीएचडी धारक प्रोफेसर और कई डॉक्टरेट कर रहे शिक्षक हैं। उनके शोध-पत्र राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय जर्नल्स में प्रकाशित हैं।
कॉलेज 30 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैला हुआ है, जिसमें Wi-Fi क्लासरूम, अत्याधुनिक लैब्स, सेमिनार हॉल, समृद्ध लाइब्रेरी, हॉस्टल, जिम और 24×7 सुरक्षा व्यवस्था शामिल हैं।
कॉलेज का इंफ्रास्ट्रक्चर सिद्धांत और व्यवहारिक प्रशिक्षण का संतुलन बनाता है, जिससे छात्र स्वास्थ्य क्षेत्र में करियर के लिए पूरी तरह तैयार होते हैं।
कैंपस लाइफ और सुविधाएं
चंडीगढ़-लुधियाना नेशनल हाईवे पर स्थित SGC का कैंपस जीवंत और ऊर्जा से भरा है। यहां सांस्कृतिक, खेल और प्रोफेशनल गतिविधियों से छात्रों का समग्र विकास होता है। कॉलेज में लड़कों और लड़कियों के लिए अलग हॉस्टल, परिवहन सुविधा, कैफेटेरिया और 24 घंटे चिकित्सा सहायता उपलब्ध है।
कौन करें SGC का चयन?
जो छात्र आयुर्वेद, नर्सिंग, फार्मेसी या पैरामेडिकल साइंसेज़ के क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं और उन्हें आधुनिक सुविधाओं, शोध-अवसरों और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की तलाश है — उनके लिए सरस्वती ग्रुप ऑफ कॉलेजेज, मोहाली एक बेहतरीन विकल्प है।
सरस्वती ग्रुप ऑफ कॉलेजेज, मोहाली न केवल छात्रों को सफल करियर के लिए तैयार करता है, बल्कि उन्हें वैश्विक दृष्टिकोण वाले जिम्मेदार स्वास्थ्यकर्मी बनने की दिशा में मार्गदर्शन भी देता है।
यह संस्थान अपने मजबूत फैकल्टी, अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और जीवंत कैंपस लाइफ के साथ चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में एक उत्कृष्ट विकल्प के रूप में उभरता है।




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