
भारत के लिए यह गर्व का क्षण है कि एक बार फिर देश के प्रमुख शिक्षण संस्थान एशिया की शीर्ष विश्वविद्यालयों की सूची में अपनी जगह बनाने में सफल रहे हैं। लंदन स्थित क्वाक्वेरेली साइमंड्स (QS) द्वारा जारी QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी एशिया रैंकिंग 2025 में भारत के सात संस्थान एशिया के शीर्ष 100 में शामिल हुए हैं।
इनमें भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली, मुंबई, मद्रास, कानपुर और खड़गपुर के साथ भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) बेंगलुरु और दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार, भारत के 20 संस्थान टॉप-200 और 66 संस्थान टॉप-500 में जगह बनाने में सफल रहे हैं। यह उपलब्धि भारत की उच्च शिक्षा प्रणाली की गुणवत्ता, शोध क्षमता और वैश्विक पहचान को रेखांकित करती है।
भारत के शिक्षण संस्थानों का बढ़ता प्रभाव
QS की रिपोर्ट के अनुसार, इस वर्ष भारत के 36 संस्थानों की रैंकिंग में सुधार हुआ है, जबकि 16 अपने स्थान पर बने रहे। हालांकि 105 संस्थानों की रैंकिंग में गिरावट भी दर्ज की गई, लेकिन इसके बावजूद भारत का समग्र प्रदर्शन एशिया के अन्य देशों की तुलना में अधिक स्थिर और प्रभावशाली रहा।
एजेंसी ने यह भी उल्लेख किया कि इस वर्ष रैंकिंग में अधिक प्रतिस्पर्धा और बदलते मूल्यांकन मानकों के कारण उतार-चढ़ाव देखने को मिला, बावजूद इसके भारतीय विश्वविद्यालयों ने अपनी अकादमिक और शोध क्षमता के दम पर मजबूती दिखाई है।
आईआईटी दिल्ली लगातार पांचवें साल भारत का नंबर-1 संस्थान
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली ने लगातार पांचवें वर्ष देश के सर्वश्रेष्ठ संस्थान का दर्जा बरकरार रखा है। इसने एशिया स्तर पर 59वां स्थान हासिल किया है।
इसके साथ ही IIT बॉम्बे, IIT मद्रास, IIT कानपुर और IIT खड़गपुर ने भी टॉप-100 की सूची में अपनी जगह बनाई। यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि भारत के तकनीकी संस्थान शिक्षा, नवाचार और शोध के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरे उतर रहे हैं।
शोध और नवाचार में भारत अग्रणी
QS की रिपोर्ट में कहा गया है कि पीएचडी धारकों और शोध कार्यों की संख्या के मामले में भारत पूरे एशिया में शीर्ष स्थान पर है। इसका अर्थ है कि भारत के विश्वविद्यालय केवल शिक्षण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे नवाचार, रिसर्च और तकनीकी विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय विश्वविद्यालय अब अंतरराष्ट्रीय सहयोग, डिजिटल शिक्षण और उद्योग आधारित शोध पर अधिक ध्यान दे रहे हैं, जिससे उनकी वैश्विक प्रतिष्ठा और रैंकिंग दोनों में सुधार हो रहा है।
दिल्ली विश्वविद्यालय और IISc बेंगलुरु की दमदार मौजूदगी
दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) ने इस बार भी मजबूत प्रदर्शन किया है। देश के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में से एक DU हर साल लाखों छात्रों के लिए उच्च शिक्षा का प्रमुख केंद्र बना रहता है।
वहीं, भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc), बेंगलुरु, शोध और विज्ञान के क्षेत्र में भारत का अग्रणी संस्थान बना हुआ है। इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी विश्वसनीय और नवाचार-प्रधान संस्थान के रूप में सराहा जाता है।
QS एशिया रैंकिंग 2025 भारत की उच्च शिक्षा प्रणाली के उभार और उसकी वैश्विक साख का स्पष्ट संकेत देती है। तकनीकी, वैज्ञानिक और शोध के क्षेत्र में भारतीय संस्थानों की निरंतर प्रगति इस बात का प्रमाण है कि भारत अब एशिया ही नहीं, बल्कि विश्व शिक्षा मानचित्र पर भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है।




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