
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने देशभर के सभी संबद्ध स्कूलों को एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि अब किसी भी ट्रांसफर सर्टिफिकेट (TC) पर काउंटरसिग्नेचर की जरूरत नहीं होगी। यानी, एक सीबीएसई स्कूल से दूसरे सीबीएसई स्कूल में छात्र के ट्रांसफर के दौरान अब स्कूलों को टीसी पर बोर्ड मुख्यालय या क्षेत्रीय कार्यालय से हस्ताक्षर कराने की आवश्यकता नहीं है।
सीबीएसई का स्पष्ट निर्देश
सीबीएसई परीक्षा नियंत्रक सय्यम भारद्वाज ने बताया कि बोर्ड पहले ही इस प्रक्रिया को बंद कर चुका है, लेकिन कुछ स्कूल अभी भी पुराने नियमों के तहत काउंटरसिग्नेचर के लिए आवेदन भेज रहे हैं। उन्होंने कहा, “सीबीएसई मुख्यालय और क्षेत्रीय कार्यालयों को अब भी कुछ स्कूलों से ट्रांसफर सर्टिफिकेट पर काउंटरसिग्नेचर के अनुरोध मिल रहे हैं। यह न केवल छात्रों और अभिभावकों के लिए असुविधा का कारण बनता है, बल्कि डिजिटलीकरण के इस युग में शिक्षा प्रणाली को आगे बढ़ाने में भी बाधा उत्पन्न करता है।”
डिजिटल प्रक्रिया की दिशा में कदम
सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि अब किसी भी स्कूल को टीसी पर हस्ताक्षर के लिए बोर्ड कार्यालय को भेजने की जरूरत नहीं है। यह निर्णय प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से लिया गया है। इससे न केवल समय और संसाधनों की बचत होगी, बल्कि छात्रों और अभिभावकों को भी राहत मिलेगी।
क्या है नया नियम
एक सीबीएसई स्कूल से दूसरे सीबीएसई स्कूल में ट्रांसफर के लिए टीसी पर किसी प्रकार की मुहर या काउंटरसिग्नेचर की आवश्यकता नहीं होगी। स्कूलों को अब मुख्यालय या क्षेत्रीय कार्यालय को टीसी भेजने की जरूरत नहीं है। यह बदलाव डिजिटलाइजेशन और प्रक्रिया को सरल बनाने के मकसद से लागू किया गया है।
छात्रों और अभिभावकों को फायदा
इस नई व्यवस्था से छात्रों को नए स्कूल में एडमिशन प्रक्रिया तेजी से पूरी करने में मदद मिलेगी। पहले जहां टीसी पर बोर्ड की मुहर लगवाने में कई दिन लग जाते थे, अब यह प्रक्रिया पूरी तरह स्कूल स्तर पर ही पूरी की जा सकेगी।
सीबीएसई ने सभी स्कूलों को चेतावनी दी है कि इस दिशा-निर्देश का पालन अनिवार्य है। किसी भी स्थिति में पुराने नियमों के तहत काउंटरसिग्नेचर के लिए अनुरोध भेजने की जरूरत नहीं है।




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