
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने रक्षा विज्ञान और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में काम कर रहे प्रतिभाशाली शोधकर्ताओं को सम्मानित करने के लिए अपने प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कारों के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने सभी उच्च शिक्षा संस्थानों से 2024 और 2025 के लिए नामांकन भेजने का आग्रह किया है। संस्थान 1 दिसंबर तक अपने नामांकन जमा कर सकते हैं।
प्रशस्ति पत्र और 10 लाख रुपये का पुरस्कार
डीआरडीओ ने जिन दो प्रमुख पुरस्कारों के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं, वे हैं:
– डॉ. कोठारी रक्षा विज्ञान पुरस्कार
– डॉ. कलाम रक्षा प्रौद्योगिकी पुरस्कार
दोनों पुरस्कार रक्षा विज्ञान और प्रौद्योगिकी में उत्कृष्ट अनुसंधान और नवाचार करने वाले व्यक्तियों को दिए जाते हैं। प्रत्येक पुरस्कार के साथ एक प्रशस्ति पत्र और 10 लाख रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया जाता है।
यूजीसी ने कहा है कि इन पुरस्कारों का उद्देश्य ऐसे व्यक्तियों को सम्मानित करना है जिनकी खोजों, नवाचारों या तकनीकी योगदानों ने भारत की रक्षा क्षमता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई हो—चाहे वे सरकारी संस्थानों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों या निजी संगठनों में कार्यरत हों।
नामांकन के दौरान किन बातों का ध्यान रखें
UGC ने स्पष्ट किया है कि नामांकन करते समय निम्न विवरण अनिवार्य हैं:
– निर्धारित प्रारूप में सभी महत्वपूर्ण जानकारी शामिल हो
– नामांकित व्यक्ति के प्रमुख योगदानों का 100 शब्दों का सार
– दुनिया में उपलब्ध समान तकनीक का तुलनात्मक विवरण
– नामांकित व्यक्ति की सहमति, उनके हस्ताक्षर सहित
– सभी व्यक्तिगत जानकारी सही और प्रमाणित हो
कौन कर सकता है नामांकन?
नामांकन केवल मान्यता प्राप्त चैनलों के माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे:
– मंत्रालय
– सरकारी विभाग
– सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम
– निजी एजेंसियाँ
– उद्योग, शैक्षणिक संस्थान और R&D संगठन
महत्वपूर्ण बात यह है कि किसी भी व्यक्ति द्वारा सीधे भेजा गया नामांकन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
कौन-कौन पात्र हैं?
ये दोनों पुरस्कार निम्न क्षेत्रों में कार्यरत व्यक्तियों के लिए खुले हैं:
– सरकारी संगठन
– सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम
– निजी उद्योग
– विश्वविद्यालय एवं उच्च शिक्षा संस्थान
– अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशालाएँ
कोठारी पुरस्कार रक्षा विज्ञान में बुनियादी अनुसंधान करने वालों को दिया जाएगा, जबकि कलाम पुरस्कार रक्षा प्रौद्योगिकी के विकास में योगदान देने वाले विशेषज्ञों को सम्मानित करेगा।
चयन प्रक्रिया कैसे होगी?
नामांकन प्राप्त होने के बाद:
- एक स्क्रीनिंग कमेटी सभी नामांकन की समीक्षा करेगी।
- यह कमेटी शीर्ष समिति के लिए संभावित नामों की सूची तैयार करेगी।
- स्क्रीनिंग पैनल आवश्यकता पड़ने पर नामांकित व्यक्ति से बातचीत भी कर सकता है या अतिरिक्त प्रक्रिया अपना सकता है।
- टॉप कमेटी अंतिम सूची तैयार करके रक्षा मंत्री की स्वीकृति के लिए भेजेगी।
पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए यह पूरी चयन प्रक्रिया कई स्तरों पर जांच का पालन करती है।
इन पुरस्कारों का लक्ष्य देश में रक्षा विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नवाचार, अनुसंधान और उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करना है। DRDO का यह कदम न केवल शोधकर्ताओं को पहचान दिलाता है, बल्कि भारत की सुरक्षा एवं तकनीकी प्रगति को नई दिशा भी देता है।




Add comment