
ग्रेटर नोएडा स्थित शारदा यूनिवर्सिटी के दो छात्रों—अमन सिंह और अनुशा खान—ने मिलकर एक ऐसा तकनीकी प्रोजेक्ट तैयार किया है, जो आने वाले समय में डिजिटल इंटरैक्शन का तरीका बदल सकता है। ‘AVA’ नाम का यह वर्चुअल ह्यूमन इंसान की तरह बात करता है, चेहरे पर भाव दिखाता है और बातचीत को स्वाभाविक बनाने के लिए रियल-टाइम रिएक्शन भी देता है।
अमन सिंह, जो यूनिवर्सिटी के कंप्यूटर साइंस डिपार्टमेंट के छात्र हैं, ने बताया कि इस प्रोजेक्ट पर उन्होंने ओपन-सोर्स NCR कम्युनिटी के इंचार्ज अंकित खरे के मार्गदर्शन में काम किया। कई महीनों तक की मेहनत और रिसर्च के बाद ‘AVA’ को तैयार किया गया है।
कैसे काम करता है AVA?
AVA को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और 3D एनीमेशन तकनीकों की मदद से विकसित किया गया है। यह सिर्फ सवालों का जवाब देने तक सीमित नहीं है, बल्कि मुस्कुराता है, चेहरे के हाव-भाव बदलता है, मानव जैसी आवाज़ में बात करता है, यूज़र की बात को समझकर उसके अनुसार प्रतिक्रिया देता है। इस वजह से AVA के साथ बातचीत बिल्कुल वास्तविक लगती है, जैसे किसी इंसान से संवाद हो रहा हो।
कई क्षेत्रों में इस्तेमाल की संभावनाएँ
AVA की तकनीक को ऐसे डिजाइन किया गया है कि इसे कई उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किया जा सके, जैसे- वर्चुअल गाइड, ऑनलाइन ट्यूटर, हेल्पडेस्क एजेंट, डिजिटल असिस्टेंट।
इस तरह के डिजिटल ह्यूमन आने वाले समय में शिक्षा, ग्राहक सेवा, ऑनलाइन ट्रेनिंग और वर्चुअल सपोर्ट सिस्टम में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।
कई महीनों तक चला अध्ययन और डेवलपमेंट
अमन और अनुशा बताते हैं कि उनकी कोशिश थी कि एक ऐसा डिजिटल इंसान बनाया जाए जो पढ़ाई, जानकारी देने और सहायता करने के कामों में वास्तविक अनुभव दे सके। इसके लिए उन्होंने चेहरे के भावों का अध्ययन, बातचीत के प्राकृतिक तरीके पर रिसर्च, इंसानी संवाद शैली का विश्लेषण- इन सभी तत्वों को AI मॉडल में समाहित कर AVA को उपयोग के लिए तैयार किया गया।
भारतीय छात्रों की क्षमता का शानदार उदाहरण
शारदा यूनिवर्सिटी के शिक्षकों ने इस प्रोजेक्ट की सराहना करते हुए कहा कि यह काम न केवल छात्रों की मेहनत और कौशल को दर्शाता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि भारतीय छात्र उन्नत तकनीकें विकसित करने में आगे हैं।
AVA जैसे डिजिटल ह्यूमन आने वाले वर्षों में शिक्षा से लेकर कॉर्पोरेट ट्रेनिंग और कस्टमर सपोर्ट तक कई क्षेत्रों में बड़ा बदलाव ला सकते हैं। अमन और अनुशा अपनी इस उपलब्धि से उत्साहित हैं। उनका मानना है कि AVA जैसे वर्चुअल इंसान भविष्य में रोज़मर्रा के कई काम आसान बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे।




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