
दुनिया को खूबसूरत बताया जाता है और यह बात बिल्कुल सही लगती है जब हम रोज़मर्रा की भागदौड़ से निकलकर कुछ समय सुकून के लिए बाहर बिताते हैं। यात्रा अब सिर्फ छुट्टियों तक सीमित नहीं है, बल्कि एक अनुभव बन गई है—और इस बदलाव को सबसे तेज़ी से भारतीय युवा आगे बढ़ा रहे हैं।
पर्यटन मंत्रालय की ताज़ा रिपोर्ट बताती है कि विदेशी यात्राओं में भारतीय युवाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। कम उम्र में विदेश घूमने वाले लोगों में भारतीय सबसे आगे हैं। 15 से 44 साल के भारतीय यात्रियों की संख्या विदेश यात्रा करने वालों में 60% से अधिक है, जो यह दिखाता है कि यात्रा अब देश के युवाओं की लाइफस्टाइल का अहम हिस्सा बन चुकी है।
क्या कहते हैं ताज़ा आंकड़े?
पर्यटन मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक डेटा के मुताबिक, 15 से 24 साल के भारतीय पर्यटकों का विदेश जाना लगभग 10.85 प्रतिशत है, जबकि 25 से 34 वर्ष के यात्रियों की हिस्सेदारी 27.46 प्रतिशत है। वहीं 35 से 44 वर्ष वालों का प्रतिशत 24.57 प्रतिशत दर्ज किया गया है। इसके मुकाबले, 55 वर्ष से अधिक आयु के भारतीय यात्रियों की संख्या बहुत कम है, यानी केवल 8.94 प्रतिशत है।
यह डेटा साफ दिखाता है कि भारत का युवा वर्ग अब यात्रा को करियर ब्रेक, स्टडी ब्रेक या वर्क-लाइफ बैलेंस का हिस्सा मानने लगा है। कम समय में अलग-अलग देशों का अनुभव लेना और नई संस्कृतियों को समझना इनकी प्राथमिकता बन चुका है।
विदेशी पर्यटकों से बिल्कुल अलग रुझान
दिलचस्प बात यह है कि विदेशी पर्यटकों का पैटर्न इससे उलटा है। डेटा के अनुसार, ज़्यादातर विदेशी लोग 55 वर्ष की उम्र के बाद यात्रा करना शुरू करते हैं, यानी वे रिटायरमेंट के बाद दुनिया को देखने निकलते हैं। पर्यटन विशेषज्ञों का कहना है कि जहां भारतीय युवा सीमित बजट और कम समय में भी विदेश घूमने निकल जाते हैं, वहीं विदेशी यात्री लंबी प्लानिंग करते हैं और एक ही यात्रा में कई देशों को शामिल करते हैं।
विदेश यात्रा में भारतीयों की संख्या लगातार बढ़ रही
मंत्रालय की रिपोर्ट यह भी बताती है कि साल 2024 में भारत से विदेश जाने वाले यात्रियों की संख्या में 11% की बढ़ोतरी हुई है। भारत में जहां साल 2024 में 99 लाख 51 हजार विदेशी आए थे, तो भारत से विदेश जाने वाले लोगों की संख्या 3 करोड़ 8 हजार के आसपास थी।
साथ ही, देश में आने वाले विदेशी सैलानियों की संख्या में भी 4.52% की वृद्धि दर्ज की गई है। यह आंकड़े बताते हैं कि भारत अब वैश्विक पर्यटन बाजार में पहले से कहीं अधिक सक्रिय है—चाहे बात भारतीयों की विदेश यात्रा की हो या विदेशी पर्यटकों के भारत आने की।
भारत में युवाओं की बढ़ती आर्थिक क्षमता, डिजिटल बुकिंग प्लेटफॉर्म और नई यात्रा संस्कृति ने इस बदलाव को और तेज़ कर दिया है। यह कहना गलत नहीं होगा कि भारतीय युवा अब दुनिया को सिर्फ तस्वीरों में नहीं, बल्कि खुद जाकर देखने का मन बना चुके हैं।




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