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ICAR Data Breach: Thousands of Scientists' Records Missing, Allegations of Conspiracy Raise Concern

डीयू की लाइब्रेरियों में सीटों की भारी कमी से जूझ रहे पीएचडी शोधार्थी, किताबों का भी संकट 

DU PhD Scholars Grapple with Severe Shortage of Library Seats and Books

दिल्ली विश्वविद्यालय में पीएचडी शोधार्थी लंबे समय से लाइब्रेरी में पढ़ाई को लेकर गंभीर समस्याओं का सामना कर रहे हैं। शोध से जुड़े छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय की विभिन्न लाइब्रेरियों में पीएचडी छात्रों के लिए निर्धारित सीटें बेहद कम हैं। नतीजा यह है कि हर दिन बड़ी संख्या में शोधार्थियों को बैठने की जगह के लिए संघर्ष करना पड़ता है।

सीटों की भारी कमी

जानकारी के मुताबिक, डीयू में 2,000 से अधिक पीएचडी शोधार्थी हैं, जबकि लाइब्रेरियों में उनके लिए केवल करीब 200 सीटें उपलब्ध हैं। शोधार्थियों का आरोप है कि इन सीमित सीटों पर भी अकसर गैर-पीएचडी छात्र बैठे रहते हैं, जबकि नियमों के अनुसार निर्धारित परिसर में केवल पीएचडी छात्र ही अध्ययन कर सकते हैं।

कई शोधार्थियों ने बताया कि सुबह से लाइब्रेरी पहुंचने के बावजूद उन्हें लंबा इंतजार करना पड़ता है। समयबद्ध कार्य और शोध पत्रों की डेडलाइन के बीच सीट न मिलना उनके अकादमिक काम को सीधे प्रभावित करता है।

पानी की समस्या बनी चुनौती

छात्रों ने यह भी शिकायत की है कि लाइब्रेरी में पानी की व्यवस्था अक्सर बिगड़ी रहती है। कभी पहली मंजिल पर पानी नहीं आता, तो कभी दूसरी पर। ऐसी स्थिति में छात्रों को या तो प्यासे पढ़ना पड़ता है या बाहर जाकर पानी की व्यवस्था करनी पड़ती है, जिससे उनका समय और ध्यान दोनों प्रभावित होते हैं।

किताबों की कमी से बढ़ा तनाव

पुस्तक उपलब्धता को लेकर भी छात्रों में भारी नाराजगी है। शोधार्थियों का कहना है कि कई किताबें महीनों तक कुछ छात्रों के पास पड़ी रहती हैं और लाइब्रेरी प्रशासन इस पर सख्त कार्रवाई नहीं करता। नतीजतन, जरूरी संदर्भ पुस्तकों तक बाकी छात्रों की पहुंच नहीं हो पाती, जिससे शोध कार्य और भी मुश्किल हो जाता है।

नई लाइब्रेरी जल्द शुरू करने की योजना

डीयू के लाइब्रेरियन राजेश सिंह ने माना कि वर्तमान में शोधार्थियों के लिए सीटें काफी कम हैं। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय पीएचडी छात्रों के लिए सुविधाओं को बढ़ाने पर काम कर रहा है।

सिंह ने जानकारी दी कि एक नई लाइब्रेरी तैयार की जा रही है, जिसकी क्षमता मौजूदा सीटों से लगभग चार गुना अधिक होगी। यह लाइब्रेरी केवल पीएचडी शोधार्थियों के लिए होगी और इसे अगले दो महीनों के भीतर शुरू करने की योजना है।

नई लाइब्रेरी खुलने के बाद शोधार्थियों को पढ़ाई के लिए बेहतर माहौल और पर्याप्त जगह मिलने की उम्मीद है, जिससे उनकी वर्तमान समस्याओं में काफी कमी आ सकती है।

 

एडइनबॉक्स टीम

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