
काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) ने लगभग 17 वर्षों से संचालित हो रहे दो वर्षीय एमएससी इन प्लांट बायोटेक्नोलॉजी कोर्स को बंद करने का फैसला कर लिया है। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, इस कोर्स के छात्रों को पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया में समस्याएं आती थीं, क्योंकि यह डिग्री विज्ञान और कृषि—दो अलग-अलग संकायों के बीच फंसी रहती थी। नतीजतन, विषय मिलान न होने से कई छात्र पीएचडी में आगे नहीं बढ़ पाते थे और उनके रोजगार विकल्प भी सीमित रह जाते थे।
पुराना कोर्स बंद, नए पाठ्यक्रम को मिली मंजूरी
BHU प्रशासन ने लंबे समय से चल रही इस समस्या का समाधान निकालते हुए अगले शैक्षणिक सत्र से प्लांट बायोटेक्नोलॉजी कोर्स को समाप्त करने पर सहमति दी है।
2026–27 से इसकी जगह ‘एमएससी मॉलिक्यूलर बायोलॉजी एंड बायोटेक्नोलॉजी’ शुरू किया जाएगा। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने भी इस नए कोर्स को अपनी विषय सूची में शामिल कर दिया है।
यह कोर्स मीरजापुर स्थित राजीव गांधी दक्षिण परिसर, बरकछा में चलाया जाएगा। कुल 30 सीटें होंगी और प्रवेश CUET-PG के माध्यम से होगा। नए पाठ्यक्रम की प्रमुख विशेषता यह है कि इसके बाद छात्र कृषि और विज्ञान दोनों संकायों के पीएचडी कार्यक्रमों में आवेदन कर सकेंगे, जिससे उनका करियर दायरा बढ़ जाएगा।
क्या पढ़ाया जाएगा नए कोर्स में?
नया पाठ्यक्रम पूरी तरह आधुनिक कृषि जैव प्रौद्योगिकी पर आधारित होगा। इसमें शामिल होंगे—
मॉलिक्यूलर जेनेटिक्स: पौधों की आनुवंशिकी और जीन अभिव्यक्ति का विस्तृत अध्ययन।
प्लांट बायोटेक्नोलॉजी: ऊतक संवर्धन, आनुवंशिक इंजीनियरिंग और ट्रांसजेनिक पौधों का विकास।
जीनोमिक्स और बायोइन्फॉर्मेटिक्स: डेटा विश्लेषण, जीनोम अनुक्रमण और उन्नत तकनीकों का उपयोग।
बायोकेमिकल टेक्निक्स: प्रोटीन, एंजाइम और उनके व्यवहार का अध्ययन।
फसलों में सुधार: रोग-प्रतिरोधी और उच्च उपज वाली किस्मों के विकास में जैव प्रौद्योगिकी का प्रयोग।
करियर के व्यापक अवसर
नए कोर्स के बाद छात्रों के सामने कई क्षेत्र खुलेंगे —
– ICAR, CSIR सहित सरकारी अनुसंधान संस्थानों में वैज्ञानिक या शोधकर्ता के रूप में अवसर।
– विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में शिक्षण कार्य (NET/SET/PhD के बाद)।
– बीज, उर्वरक, खाद्य प्रसंस्करण, फार्मा और बायोटेक इंडस्ट्री में रिसर्च, उत्पादन, क्वालिटी कंट्रोल और मार्केटिंग भूमिकाएं।
– कृषि-बायोटेक्नोलॉजी से जुड़े स्टार्टअप शुरू करने की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।
कौन कर सकता है आवेदन?
आवेदन करने के लिए निम्नलिखित चार वर्षीय डिग्री आवश्यक है—
– BSc Agriculture / BSc (Hons) Agriculture
– BSc Forestry / BSc (Hons) Forestry
– BSc Horticulture / BSc (Hons) Horticulture
– BSc (Hons) Biotechnology
साथ ही, विश्वविद्यालय के क्रेडिट सिस्टम के तहत निर्धारित न्यूनतम CGPA प्राप्त करना जरूरी होगा।
शुल्क और सुविधाएं
कृषि विज्ञान संस्थान के आनुवंशिकी एवं पादप प्रजनन विभाग के अध्यक्ष प्रो. श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि नए पाठ्यक्रम में छात्रों को आधुनिक आणविक प्रयोगशालाओं, जीनोमिक्स सुविधाओं और बायोटेक्नोलॉजी उपकरणों पर काम करने का अवसर मिलेगा।
शुल्क लगभग 43,000 रुपये प्रति सेमेस्टर रहेगा—यही शुल्क बंद किए गए पुराने कोर्स में भी लागू था। सभी छात्रों को हॉस्टल की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।




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