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'गोमूत्र पर रिसर्च' करने वाले IIT मद्रास के डायरेक्टर वी. कामकोटी को पद्म श्री सम्मान, छिड़ा विवाद

‘गोमूत्र पर रिसर्च’ करने वाले IIT मद्रास के डायरेक्टर वी. कामकोटी को पद्म श्री सम्मान, छिड़ा विवाद

'गोमूत्र पर रिसर्च' करने वाले IIT मद्रास के डायरेक्टर वी. कामकोटी को पद्म श्री सम्मान, छिड़ा विवाद

26 जनवरी की पूर्व संध्या पर केंद्र सरकार ने पद्म पुरस्कारों की घोषणा की, जिनमें IIT मद्रास के डायरेक्टर प्रोफेसर वी. कामकोटी को पद्म श्री से सम्मानित किए जाने की सूचना शामिल थी। सम्मान की घोषणा के साथ ही सोशल मीडिया पर उनकी एक पुरानी रिसर्च और बयान को लेकर विवाद एक बार फिर उभर आया।

गोमूत्र रिसर्च पर पुरानी बहस फिर गर्म

प्रोफेसर वी. कामकोटी जनवरी 2025 में उस समय चर्चा में आए थे, जब उन्होंने गोमूत्र की संभावित वैज्ञानिक विशेषताओं पर टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि गौमूत्र में एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-फंगल, एंटी-इंफ्लेमेटरी और डाइजेस्टिव प्रॉपर्टीज हो सकती हैं। इस बयान पर उस समय राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर काफी बहस छिड़ गई थी। पद्म श्री की घोषणा होते ही वही पुराना मुद्दा फिर सुर्खियों में आ गया।

केरल कांग्रेस का व्यंग्यात्मक पोस्ट

केरल कांग्रेस ने X (पूर्व में ट्विटर) पर प्रोफेसर कामकोटी को बधाई देते हुए तंज भरा पोस्ट किया। पार्टी ने लिखा— “वी. कामकोटी को यह सम्मान मिलने पर बधाई। देश IIT मद्रास में गाय के मूत्र पर आपकी बेहतरीन रिसर्च को पहचानता है, जिसने गोमूत्र को दुनिया के मंच पर पहुंचाया है।”

इस पोस्ट के बाद राजनीतिक बहस और तेज हो गई। पार्टी की यह टिप्पणी सोशल मीडिया पर बड़े वर्ग द्वारा आलोचना और समर्थन — दोनों तरह की प्रतिक्रियाएं बटोर रही है।

ज़ोहो के संस्थापक ने जताई नाराज़गी

केरल कांग्रेस के व्यंग्यात्मक पोस्ट पर Zoho के संस्थापक श्रीधर वेम्बू ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने प्रोफेसर कामकोटी का समर्थन करते हुए लिखा— “प्रोफेसर कामकोटी डीप टेक और माइक्रोप्रोसेसर डिज़ाइन जैसे क्षेत्रों में काम करते हैं। वह IIT मद्रास के डायरेक्टर हैं, जो देश का शीर्ष टेक्नोलॉजिकल संस्थान है। वह NSAB में भी योगदान दे रहे हैं और इस सम्मान के पूरी तरह हकदार हैं।”

वेम्बू ने यह भी कहा कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखें तो गाय के गोबर और गोमूत्र में ऐसे माइक्रोबायोम पाए जाते हैं जो इंसानों के लिए फायदेमंद हो सकते हैं। उन्होंने साफ किया कि तकनीकी और वैज्ञानिक योगदान के आधार पर कामकोटी को पद्म श्री से सम्मानित किया जाना पूरी तरह उचित है।

सम्मान और विवाद—दोनों साथ

विज्ञान और तकनीक की दुनिया में प्रोफेसर वी. कामकोटी का योगदान किसी परिचय का मोहताज नहीं है। भारतीय माइक्रोप्रोसेसर ‘शक्ति’ जैसे प्रोजेक्ट में उनकी अहम भूमिका रही है। ऐसे में पद्म श्री सम्मान उनके तकनीकी कार्यों की मान्यता है।

हालांकि, राजनीतिक टिप्पणियों की वजह से यह सम्मान एक बार फिर गोमूत्र रिसर्च के पुराने विवादों के साये में आ गया है।

एडइनबॉक्स टीम

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