
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) मद्रास ने एयरोनॉटिक्स और स्पेस टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में करियर बनाने की इच्छा रखने वाले छात्रों के लिए एक बड़ा अवसर पेश किया है। संस्थान ने बैचलर ऑफ साइंस (BS) इन एयरोनॉटिक्स एंड स्पेस टेक्नोलॉजी नाम से नया अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम शुरू किया है, जो पूरी तरह ऑनलाइन मोड में संचालित किया जाएगा। इस कोर्स की सबसे खास बात यह है कि इसमें दाखिले के लिए JEE पास करना अनिवार्य नहीं है और सीटों की संख्या भी सीमित नहीं रखी गई है।
इस नए प्रोग्राम की शुरुआत 9 फरवरी 2026 को IIT मद्रास कैंपस में की गई। लॉन्च कार्यक्रम में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL), सिविल एविएशन और एयरोस्पेस सेक्टर से जुड़े कई वरिष्ठ अधिकारी वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि यह कोर्स देश में तेजी से बढ़ती एयरोस्पेस और स्पेस टेक्नोलॉजी से जुड़ी स्किल डिमांड को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
IIT मद्रास के निदेशक प्रो. वी. कामकोटि ने कहा कि आने वाले वर्षों में भारत को एयरोनॉटिक्स, ड्रोन टेक्नोलॉजी, सिविल एविएशन और स्पेस सेक्टर में बड़ी संख्या में प्रशिक्षित पेशेवरों की जरूरत होगी। यह नया BS प्रोग्राम उसी जरूरत को पूरा करने की दिशा में एक अहम कदम है, जिससे ज्यादा से ज्यादा छात्रों को उच्च स्तर की तकनीकी शिक्षा मिल सके।
कौन कर सकता है आवेदन और कैसे मिलेगा दाखिला
इस कोर्स के लिए 12वीं पास छात्र आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा डिप्लोमा होल्डर्स को भी आवेदन की अनुमति दी गई है। IIT मद्रास ने साफ किया है कि इस प्रोग्राम में दाखिले के लिए JEE या किसी अन्य राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा की आवश्यकता नहीं है। सीटों की कोई सीमा न होने के कारण इसे ओपन एनरोलमेंट मॉडल पर रखा गया है। छात्र अपनी सुविधा के अनुसार फ्लेक्सिबल टाइमलाइन में इस कोर्स को पूरा कर सकते हैं।
कैसा होगा कोर्स और पढ़ाई का तरीका
BS एयरोनॉटिक्स और स्पेस टेक्नोलॉजी प्रोग्राम को इस तरह डिजाइन किया गया है कि ऑनलाइन पढ़ाई के साथ प्रैक्टिकल समझ भी विकसित हो सके। पढ़ाई के दौरान छात्रों को रिकॉर्डेड वीडियो लेक्चर, लाइव ट्यूटोरियल सेशन और ऑनलाइन डिस्कशन फोरम की सुविधा मिलेगी। परीक्षाएं मुख्य रूप से रविवार को आयोजित की जाएंगी और ये सेंटर-बेस्ड या ऑनलाइन प्रॉक्टर्ड मोड में हो सकती हैं।
डिप्लोमा स्टेज पर छात्रों को कम्प्यूटेशनल फ्लूइड डायनेमिक्स (CFD) और फिनाइट एलिमेंट मेथड (FEM) जैसे इंडस्ट्री में इस्तेमाल होने वाले टूल्स पर काम करने का मौका मिलेगा। वहीं BS लेवल पर छात्रों को एयरक्राफ्ट या स्पेसक्राफ्ट डिजाइन से जुड़े कैपस्टोन प्रोजेक्ट पर काम करना होगा, जिससे उन्हें वास्तविक इंडस्ट्री अनुभव जैसी समझ मिले।
करियर, इंटर्नशिप और आगे की पढ़ाई के अवसर
IIT मद्रास का सेंटर फॉर आउटरीच एंड डिजिटल एजुकेशन (CODE) इस प्रोग्राम के छात्रों को इंटर्नशिप सपोर्ट, इंडस्ट्री कनेक्ट और करियर गाइडेंस उपलब्ध कराएगा। कोर्स पूरा करने के बाद छात्र HAL और अन्य सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों, निजी एयरोस्पेस कंपनियों, ड्रोन और स्पेस स्टार्टअप्स तथा इंजीनियरिंग एनालिसिस फर्म्स में करियर के अवसर तलाश सकते हैं।
इसके अलावा यह कोर्स रिसर्च और हायर स्टडी के लिए भी मजबूत आधार प्रदान करता है। IITs, IISc जैसे संस्थानों में आगे की पढ़ाई के साथ-साथ GATE परीक्षा की तैयारी में भी यह प्रोग्राम उपयोगी माना जा रहा है।
टॉप स्टूडेंट्स को मिल सकता है ऑन-कैंपस अवसर
IIT मद्रास के अनुसार, इस ऑनलाइन BS प्रोग्राम में बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्रों को अकादमिक मानदंडों के आधार पर ऑन-कैंपस प्रोग्राम या एडवांस्ड डिग्री के लिए भी विचार किया जा सकता है। इससे छात्रों को भविष्य में IIT कैंपस में पढ़ाई का अवसर भी मिल सकता है।
कुल मिलाकर, IIT मद्रास का यह नया BS प्रोग्राम उन छात्रों के लिए एक बेहतरीन विकल्प बनकर उभरा है, जो बिना JEE के एयरोनॉटिक्स और स्पेस टेक्नोलॉजी जैसे उभरते क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और मजबूत करियर की तलाश कर रहे हैं।




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