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भारत में एआई स्किल्स का नया दौर: सरकार का ‘युवा एआई फॉर ऑल’ कोर्स बना युवाओं के लिए बड़ा मौका

भारत में एआई स्किल्स का नया दौर: सरकार का ‘युवा एआई फॉर ऑल’ कोर्स बना युवाओं के लिए बड़ा मौका

भारत में एआई स्किल्स का नया दौर: सरकार का ‘युवा एआई फॉर ऑल’ कोर्स बना युवाओं के लिए बड़ा मौका

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई अब सिर्फ तकनीकी दुनिया तक सीमित नहीं रही। आज यह आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी में गहराई से शामिल हो चुकी है। स्मार्टफोन के वॉयस असिस्टेंट से लेकर इंटरनेट सर्च, ऑनलाइन मनोरंजन, बैंकिंग सेवाएं, स्वास्थ्य क्षेत्र, खेती और ट्रैफिक प्रबंधन तक—हर जगह एआई की मौजूदगी साफ दिखती है। जैसे एक समय कंप्यूटर सीखना जरूरी हो गया था, वैसे ही अब एआई से जुड़ी समझ और कौशल करियर के लिए अहम बनते जा रहे हैं। इसकी वजह यह है कि एआई न सिर्फ काम के तरीके बदल रही है, बल्कि नए रोजगार के अवसर भी पैदा कर रही है।

कुछ साल पहले तक एआई सीखना महंगा और जटिल माना जाता था। छोटे शहरों और गांवों के युवाओं के लिए यह क्षेत्र लगभग पहुंच से बाहर था। लेकिन अब यह तस्वीर तेजी से बदल रही है। भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इंडिया एआई मिशन के तहत ‘युवा एआई फॉर ऑल’ नाम से एक खास कोर्स शुरू किया है। इस पहल का मकसद देश के हर युवा को आसान, सुलभ और भरोसेमंद तरीके से एआई शिक्षा से जोड़ना है, ताकि वे भविष्य की जरूरतों के मुताबिक खुद को तैयार कर सकें।

इस कार्यक्रम की एक बड़ी खासियत यह है कि यह पूरी तरह निःशुल्क है। कोर्स फ्यूचरस्किल्स प्राइम, आईजीओटी कर्मयोगी और अन्य प्रमुख एडटेक प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध कराया गया है, जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग इससे जुड़ सकें। खास बात यह भी है कि यह कोर्स कई भारतीय भाषाओं में मौजूद है, जिससे भाषा किसी के लिए सीखने में बाधा न बने।

‘एआई फॉर ऑल’ के तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बुनियादी समझ के साथ-साथ मशीन लर्निंग, डेटा साइंस, न्यूरल नेटवर्क और डीप लर्निंग जैसे विषयों को भी सरल तरीके से समझाया जाता है। इसमें वास्तविक जीवन से जुड़े उदाहरण, केस स्टडी और छोटे प्रोजेक्ट शामिल हैं, जो सीखने को व्यावहारिक बनाते हैं और रिज्यूमे को भी मजबूत करते हैं।

यह कोर्स खास तौर पर इस तरह तैयार किया गया है कि बिना किसी कोडिंग ज्ञान के भी कोई भी व्यक्ति इसे आसानी से समझ सके। सभी अवधारणाओं को रोजमर्रा के उदाहरणों के साथ आसान भाषा में समझाया गया है, ताकि विषय बोझिल न लगे। पूरा कोर्स ऑनलाइन और सेल्फ-पेस्ड है, यानी सीखने वाला अपनी सुविधा और समय के अनुसार कभी भी, कहीं से भी पढ़ाई कर सकता है।

चाहे आप छात्र हों, नौकरीपेशा हों या किसी नए क्षेत्र में कदम रखने की सोच रहे हों, यह कोर्स आपके लिए उपयोगी साबित हो सकता है। कोर्स पूरा करने के बाद प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र भी दिया जाता है, जो कौशल को साबित करने और नए अवसर तलाशने में मददगार होता है।

रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया भी बेहद सरल रखी गई है। इच्छुक उम्मीदवारों को ai-for-all.in वेबसाइट पर जाकर अपना नाम, ई-मेल आईडी और मोबाइल नंबर जैसी सामान्य जानकारी भरनी होती है। ओटीपी के जरिए वेरिफिकेशन पूरा होने के बाद अपनी पसंद की भाषा चुनकर तुरंत सीखना शुरू किया जा सकता है।

कुल मिलाकर, ‘युवा एआई फॉर ऑल’ पहल भारत के युवाओं के लिए डिजिटल भविष्य की ओर एक मजबूत कदम मानी जा रही है, जो तकनीक को समझने और उसका सही उपयोग करने का मौका हर वर्ग तक पहुंचा रही है

Asmita Sarkar

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