
देश में शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बड़ी खबर है। चार वर्षीय इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम (ITEP) की सीटों में इस साल तीन गुना बढ़ोतरी की गई है। 2025 में जहां इस कोर्स के लिए 6,100 सीटें थीं, वहीं 2026 में यह संख्या बढ़कर 16,950 हो गई है। कॉलेजों की संख्या भी तेजी से बढ़ी है और इस बार दिल्ली यूनिवर्सिटी के कई प्रतिष्ठित कॉलेजों में भी यह कोर्स शुरू किया जा रहा है।
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने इसके लिए प्रवेश परीक्षा का शेड्यूल जारी कर दिया है। इच्छुक अभ्यर्थी 10 मार्च तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
77 से बढ़कर 223 कॉलेज तक पहुंचा कोर्स
चार साल का ITEP राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत शुरू किया गया है। 2023 में यह कोर्स 42 संस्थानों में उपलब्ध था। 2024 में यह संख्या 64 हुई और 2025 में 77 कॉलेजों तक पहुंची। अब 2026 के लिए 223 कॉलेजों की सूची तय हो चुकी है। उम्मीद है कि आने वाले समय में और संस्थान भी इससे जुड़ेंगे।
इस सूची में देश की प्रमुख केंद्रीय विश्वविद्यालय, राज्य विश्वविद्यालय, सरकारी कॉलेज, NIT और IIT शामिल हैं। शिक्षक शिक्षा के क्षेत्र में यह अब तक का सबसे बड़ा विस्तार माना जा रहा है।
DU के टॉप कॉलेजों में मिलेगा मौका
दिल्ली यूनिवर्सिटी के कुछ कॉलेजों में पहले से यह कोर्स चल रहा है, जैसे माता सुंदरी कॉलेज और श्यामा प्रसाद मुखर्जी कॉलेज। अब 2026 से लेडी श्रीराम कॉलेज, मिरांडा हाउस, गार्गी कॉलेज, अदिति महाविद्यालय और हौज खास स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ होम इकॉनॉमिक्स में भी यह कोर्स शुरू होगा।
इसके अलावा डीयू के नॉर्थ और साउथ कैंपस के शिक्षा विभागों में भी यह प्रोग्राम संचालित किया जा रहा है। इससे राजधानी में पढ़ाई करने के इच्छुक छात्रों के लिए विकल्प बढ़ गए हैं।
IIT, NIT और प्रमुख विश्वविद्यालय भी शामिल
चार वर्षीय बीएससी-बीएड कोर्स देश के चार प्रमुख IIT—आईआईटी खड़गपुर, आईआईटी भुवनेश्वर, आईआईटी रोपड़ और आईआईटी जोधपुर—में संचालित हो रहा है। इसके अलावा कई NIT में भी यह कार्यक्रम उपलब्ध है। एनआईटी तमिलनाडु में बीए-बीएड और पांच अन्य NIT में बीएससी-बीएड कोर्स चलाया जा रहा है।
केंद्रीय विश्वविद्यालयों में पंजाब, तमिलनाडु, केरल और राजस्थान के विश्वविद्यालय शामिल हैं। इग्नू, डॉ. बी.आर. आंबेडकर यूनिवर्सिटी दिल्ली, जामिया मिल्लिया इस्लामिया, गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (द्वारका) और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में भी इस प्रवेश परीक्षा के आधार पर दाखिला दिया जाएगा।
क्या है ITEP?
ITEP एक चार वर्षीय इंटीग्रेटेड कोर्स है जिसमें छात्र बीए-बीएड, बीएससी-बीएड या बीकॉम-बीएड की संयुक्त डिग्री प्राप्त करते हैं। इसका पाठ्यक्रम अंतरराष्ट्रीय मानकों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य शिक्षक प्रशिक्षण को अधिक व्यावहारिक और गुणवत्तापूर्ण बनाना है।
नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (NCTE) के अनुसार, देशभर में इस कोर्स की मांग तेजी से बढ़ी है। इसी वजह से सीटों और संस्थानों की संख्या बढ़ाई गई है।
17 अप्रैल को परीक्षा, 10 मार्च तक आवेदन
इस कोर्स में दाखिले के लिए नेशनल कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (NCET) आयोजित किया जाएगा। आवेदन nta.ac.in और exams.nta.nic.in/ncet वेबसाइट के माध्यम से किया जा सकता है। 10 मार्च आवेदन की अंतिम तिथि है, जबकि 11 मार्च तक फीस जमा की जा सकती है। परीक्षा 17 अप्रैल को होगी।
आवेदन शुल्क सामान्य वर्ग के लिए 1,200 रुपये, ओबीसी-एनसीएल और ईडब्ल्यूएस के लिए 1,000 रुपये तथा एससी, एसटी और दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए 650 रुपये निर्धारित है। परीक्षा 13 भाषाओं में आयोजित की जाएगी। तीन घंटे की परीक्षा में प्रत्येक सही उत्तर पर 4 अंक मिलेंगे और गलत उत्तर पर 1 अंक की निगेटिव मार्किंग होगी।
शिक्षक बनने की राह हुई आसान
शिक्षा क्षेत्र में करियर बनाने की सोच रहे छात्रों के लिए यह विस्तार बड़ा अवसर लेकर आया है। सीटों और कॉलेजों की संख्या बढ़ने से प्रतियोगिता के बावजूद प्रवेश के अधिक अवसर मिलेंगे। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत शिक्षक प्रशिक्षण को मजबूत बनाने की दिशा में यह अहम कदम माना जा रहा है।




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