
AI Impact Summit के दौरान सरकार ने एक अहम कदम उठाते हुए घोषणा की है कि अब महिला और बाल कल्याण से जुड़ी योजनाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का बड़े पैमाने पर उपयोग किया जाएगा। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने इस दिशा में काम शुरू कर दिया है और जल्द ही एक AI-इनेबल्ड चैटबॉट पेश किया जाएगा, जो आंगनबाड़ी वर्करों के काम को आसान बनाएगा।
AI टूल से ग्रोथ मॉनिटरिंग की नई व्यवस्था
मंत्रालय के सचिव अनिल मलिक के अनुसार, सरकार AI आधारित ग्रोथ मॉनिटरिंग टूल्स का उपयोग करेगी, जिससे बच्चों और महिलाओं की स्थिति का अधिक सटीक आकलन किया जा सकेगा। AI टूल के माध्यम से बच्चों की वृद्धि का डिजिटल रिकॉर्ड बनाया जाएगा, कुपोषण के शुरुआती संकेतों का पता लगाया जा सकेगा। यह पहल पोषण सुधार कार्यक्रमों की प्रभावशीलता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
रियल-टाइम डेटा से निगरानी मजबूत होगी
मंत्रालय का उद्देश्य है कि सभी पोषण संबंधी डेटा को रियल-टाइम में ट्रैक किया जाए। इससे सरकार उन बाधाओं की पहचान कर सकेगी, जो पोषण कार्यक्रमों के परिणामों को प्रभावित करती हैं। AI-आधारित सिस्टम के जरिए फैसले तेजी से लिए जा सकेंगे, योजनाओं के कार्यान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।
आंगनबाड़ी नेटवर्क की अहम भूमिका
सरकार का मानना है कि आंगनबाड़ी नेटवर्क की सहायता से AI मॉनिटरिंग सिस्टम को मजबूत बनाया जा सकता है। इसलिए इस पूरी प्रक्रिया में आंगनबाड़ी वर्करों को प्रमुख भागीदार बनाया जाएगा। इसी कड़ी में, मंत्रालय आंगनबाड़ी वर्करों के लिए एक विशेष AI चैटबॉट तैयार कर रहा है, जो उन्हें त्वरित सहायता और दिशानिर्देश उपलब्ध कराएगा।
आंगनबाड़ी वर्करों को मिलेंगे 11 लाख स्मार्टफोन
डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए मंत्रालय करीब 11 लाख आंगनबाड़ी वर्करों को स्मार्टफोन वितरित करेगा। यह वितरण पोषण अभियान के तहत किया जाएगा। नई पहल में 5G स्मार्टफोन दिए जाएंगे, जिससे ऐप, डेटा रिकॉर्डिंग और AI चैटबॉट का उपयोग आसान होगा।
AI चैटबॉट क्या करेगा?
AI आधारित यह चैटबॉट आंगनबाड़ी वर्करों के लिए एक त्वरित सहायता केंद्र की तरह काम करेगा। यह पोषण और स्वास्थ्य से जुड़ी क्विक गाइडलाइन्स देगा, फील्ड में काम करने वाली वर्करों को रियल-टाइम समाधान उपलब्ध कराएगा, सेवाओं की डिलीवरी को और सटीक और प्रभावी बनाएगा।
सरकार का यह कदम तकनीक और कल्याणकारी योजनाओं को एक साथ जोड़ने की दिशा में बड़ा परिवर्तन माना जा रहा है। मंत्रालय का मानना है कि AI आधारित समाधान देश में पोषण सुधार और महिला-बाल कल्याण कार्यक्रमों की गति को नई दिशा देंगे।




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